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बीएसए ऑफिस में कैसे लगी आग: 46 महीने बाद भी नहीं उठ सका इस अग्निकांड से पर्दा, जल गए थे शिक्षकों के रिकॉर्ड

Fri, 25 Aug 2023 01:01 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 25 Aug 2023 01:01 PM IST
सार

बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी और संदिग्ध कागजात के आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की जांच कराई थी। 2000 शिक्षकों की जांच हुई। दूसरी जांच एसआईटी की रिपोर्ट में संदिग्ध पाए गए 241 शिक्षकों से संबंधित थी। रिकाॅर्ड बीएसए कार्यालय के उस कमरे में रखा था, जहां आग लगी।
 

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BSA office fire case The curtain could not rise even after 46 months records of teachers were burnt
बीएसए कार्यालय आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के शाहगंज के पंचकुइयां स्थित बीएसए कार्यालय के एक कमरे में लगी रहस्यमयी आग से पर्दा 46 महीने बाद भी नहीं उठ सका है। आग किसने और क्यों लगाई? यह राज बना है। थाने और क्राइम ब्रांच की विवेचना के बाद भी नतीजा सिफर रहा। वारदात करने वाले का न तो सुराग मिला और न ही शिक्षकों के रिकॉर्ड शिक्षा विभाग को मिल सके हैं।
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घटना 8 अक्तूबर 2019 को रात की है। बीएसए दफ्तर के एक कमरे में आग लग गई थी। कई फाइल जल गई थीं। ये फाइलें शिक्षकों के खिलाफ चल रही जांच, फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों की बर्खास्तगी से संबंधित थीं। पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम ने जांच की थी। थाना शाहगंज में केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने आग लगने के कारण का पता किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। उन लिपिकों पर शक था, जिनका पटल खिड़की के पास था। कयास लगाया गया कि आग यहीं से लगी थी। यहीं पर फाइलें रखी थीं। फाइलें लोहे की अलमारी में नहीं थीं। थाना प्रभारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि विवेचना क्राइम ब्रांच ने की है। अभी तक आग लगाने वालों का सुराग नहीं मिल सका है।
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इन बिंदुओंं पर हुई जांच

- आग किसने लगाई? आग लगाने के लिए कब और कौन आया?
- ऑफिस का ताला खोला गया या फिर अंदर से ही किसी ने लगाई?
- दफ्तर का सेफ्टी ऑडिट कब कराया गया? आग क्या शार्ट सर्किट से लगी?
- फाइलें जलने से किसको फायदा हुआ? सर्विलांस की मदद ली जानी थी।
- आग शार्ट सर्किट से नहीं लगी थी तो फिर कैसे लगी?

यह था मामला

शासन ने वर्ष 2010 से 2018 तक बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी और संदिग्ध कागजात के आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की जांच कराई थी। 2000 शिक्षकों की जांच हुई। दूसरी जांच एसआईटी की रिपोर्ट में संदिग्ध पाए गए 241 शिक्षकों से संबंधित थी। रिकाॅर्ड बीएसए कार्यालय के उस कमरे में रखा था, जहां आग लगी। तत्कालीन बीएसए ओमकार सिंह ने केस दर्ज कराया था। एक क्लर्क और चौकीदार को नामजद किया था। वजह थी कि गेट पर ताला लगा था। जिस कमरे में आग लगी, उसकी खिड़की का शीशा टूटा था। कमरे के बाहर से ही जलता हुआ कुछ फेंककर आग लगाने की आशंका थी।
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