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दो हिस्सों में बंटी मालगाड़ी, हादसा टला
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 11 Mar 2015 01:41 AM IST
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दिल्ली से झांसी की ओर जा रही मालगाड़ी कैंट स्टेशन के पास मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे दो हिस्सों में बंट गई। 58 डिब्बों की गाड़ी के 44वें डिब्बे का कपलिंग टूट गया था। गार्ड ने गाड़ी रुकवाने की सूचना कंट्रोल रूम में नोट कराई तब तक इंजन 44 डिब्बों को लेकर भांडई तक पहुंच गया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मगर, अप लाइन (दिल्ली से आगरा) की दर्जन भर से अधिक गाड़ियां जहां की तहां खड़ी हो गईं। ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मालगाड़ी को जोड़कर ट्रैक क्लीयर किया गया।
सी एंड डब्ल्यू विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बचे 14 डिब्बो को शंटिंग कराकर यार्ड में लाया गया। यार्ड में दूसरे डिब्बे से कपलर निकालकर बदला। इस पूरी प्रक्रिया में तकरीबन ढाई घंटे लग गए। इस कारण दिल्ली से आगरा आ रहीं मेल/ एक्सप्रेस गाड़ियों को बिल्लोचपुरा, राजामंडी और आगरा कैंट पर रोक दिया गया। वहीं मालगाड़ियों को आगरा-मथुरा के मध्य खड़ा कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक ने जांच के आदेश दिए हैं।
ट्रेनें हुईं लेट
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 2 घंटे, पंजाब मेल 2.30 घंटे, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस 2.30 घंटे, संपर्क क्रांति 2 घंटे, ताज एक्सप्रेस 2.30 घंटे, संपर्क क्रांति 1.30 घंटे, समता एक्सप्रेस 1 घंटा और खजुराहो इंटरसिटी 1.30 घंटे की देरी से आगे बढ़ सकी। मथुरा-आगरा के बीच तकरीबन एक दर्जन से अधिक मालगाड़ियों को खड़ा कर दिया गया।
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...तो हो सकता था बड़ा हादसा
रेल प्रशासन की लापरवाही से बड़ा हो सकता था। गनीमत रही कि आधी गाड़ी बेपटरी होकर डाउन ट्रैक पर नहीं आई। वरना सीधे झांसी की ओर से आने वाली सचखंड एक्सप्रेस ट्रेन से भिड़ जाती। इससे बड़ी जनहानि हो सकती थी।
कंट्रोल में सूचना को दबाने का प्रयास
आगरा मंडल में कोई घटना होती है तो कंट्रोल रूम घटना को दबा जाता है। सूत्रों की मानें तो आला अधिकारियों के निर्देश पर ही ऐसा किया जाता है। मंगलवार को हुई घटना के बारे में 12:30 बजे तक मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
एक घंटा की देरी से रवाना हुईं इंटरसिटी
आगरा। मंगलवार की सुबह आगरा कैंट-दिल्ली इंटरसिटी और कैंट-लखनऊ इंटरसिटी अपने निर्धारित समय से एक-एक घंटा देरी से रवाना हुई। गौरतलब है कि दिल्ली इंटरसिटी सुबह 5.80 बजे रवाना होती है। प्वाइंट में आई खराबी के कारण गाड़ी को सिगनल नहीं मिले। इस कारण इसे 6.50 बजे रवाना किया गया। वहीं, कैंट-लखनऊ इंटरसिटी के इंजन में खराबी आने के कारण एक घंटा की देरी से रवाना हुई।
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सी एंड डब्ल्यू विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बचे 14 डिब्बो को शंटिंग कराकर यार्ड में लाया गया। यार्ड में दूसरे डिब्बे से कपलर निकालकर बदला। इस पूरी प्रक्रिया में तकरीबन ढाई घंटे लग गए। इस कारण दिल्ली से आगरा आ रहीं मेल/ एक्सप्रेस गाड़ियों को बिल्लोचपुरा, राजामंडी और आगरा कैंट पर रोक दिया गया। वहीं मालगाड़ियों को आगरा-मथुरा के मध्य खड़ा कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक ने जांच के आदेश दिए हैं।
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ट्रेनें हुईं लेट
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 2 घंटे, पंजाब मेल 2.30 घंटे, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस 2.30 घंटे, संपर्क क्रांति 2 घंटे, ताज एक्सप्रेस 2.30 घंटे, संपर्क क्रांति 1.30 घंटे, समता एक्सप्रेस 1 घंटा और खजुराहो इंटरसिटी 1.30 घंटे की देरी से आगे बढ़ सकी। मथुरा-आगरा के बीच तकरीबन एक दर्जन से अधिक मालगाड़ियों को खड़ा कर दिया गया।
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...तो हो सकता था बड़ा हादसा
रेल प्रशासन की लापरवाही से बड़ा हो सकता था। गनीमत रही कि आधी गाड़ी बेपटरी होकर डाउन ट्रैक पर नहीं आई। वरना सीधे झांसी की ओर से आने वाली सचखंड एक्सप्रेस ट्रेन से भिड़ जाती। इससे बड़ी जनहानि हो सकती थी।
कंट्रोल में सूचना को दबाने का प्रयास
आगरा मंडल में कोई घटना होती है तो कंट्रोल रूम घटना को दबा जाता है। सूत्रों की मानें तो आला अधिकारियों के निर्देश पर ही ऐसा किया जाता है। मंगलवार को हुई घटना के बारे में 12:30 बजे तक मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
एक घंटा की देरी से रवाना हुईं इंटरसिटी
आगरा। मंगलवार की सुबह आगरा कैंट-दिल्ली इंटरसिटी और कैंट-लखनऊ इंटरसिटी अपने निर्धारित समय से एक-एक घंटा देरी से रवाना हुई। गौरतलब है कि दिल्ली इंटरसिटी सुबह 5.80 बजे रवाना होती है। प्वाइंट में आई खराबी के कारण गाड़ी को सिगनल नहीं मिले। इस कारण इसे 6.50 बजे रवाना किया गया। वहीं, कैंट-लखनऊ इंटरसिटी के इंजन में खराबी आने के कारण एक घंटा की देरी से रवाना हुई।