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गजब: तीन घंटे की परीक्षा, एक मिनट में मूल्यांकन? BMC छात्रों ने आगरा विवि में किया हंगामा; बुलानी पड़ी पुलिस
Mon, 24 Aug 2026 02:44 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 24 Aug 2026 02:44 PM IST
सार
छात्र परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन से जुड़ी शिकायत लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे थे। उनका आरोप है कि सुनवाई करने के बजाय उन्हें वहां से जाने को कहा गया और विरोध बढ़ने पर पुलिस बुला ली गई। छात्रों ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जांच कराने और शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण करने की मांग की।
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छात्रों का हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीएमसी के छात्रों ने सोमवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ओमप्रकाश के कार्यालय का घेराव कर मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। छात्रों का आरोप था कि जिस उत्तरपुस्तिका को लिखने में उन्हें तीन घंटे लगे, उसे परीक्षकों ने कथित तौर पर महज एक मिनट में कैसे जांच लिया।
छात्रों ने कहा कि वे परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन से जुड़ी शिकायत लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की जा रही। छात्रों का आरोप है कि एक-एक विद्यार्थी अपनी समस्या लेकर पहुंचता है तो उसे सुनने के बजाय वहां से जाने के लिए कह दिया जाता है। सोमवार को जब बड़ी संख्या में छात्र एकजुट होकर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे और सवाल उठाए तो परीक्षा नियंत्रक ने पुलिस बुला ली।
छात्रों ने सवाल उठाया कि अगर उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन इतने कम समय में किया गया है तो यह कैसे सुनिश्चित हुआ कि प्रत्येक उत्तर को ठीक से पढ़कर अंक दिए गए? छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
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छात्रों का कहना था कि अपनी शिकायत रखने के लिए विश्वविद्यालय आने पर भी यदि उनकी बात नहीं सुनी जाएगी और सवाल पूछने पर पुलिस बुला ली जाएगी, तो वे अपनी समस्या किसके सामने रखें? छात्रों ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जांच कराने और शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण करने की मांग की।
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छात्रों ने कहा कि वे परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन से जुड़ी शिकायत लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की जा रही। छात्रों का आरोप है कि एक-एक विद्यार्थी अपनी समस्या लेकर पहुंचता है तो उसे सुनने के बजाय वहां से जाने के लिए कह दिया जाता है। सोमवार को जब बड़ी संख्या में छात्र एकजुट होकर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे और सवाल उठाए तो परीक्षा नियंत्रक ने पुलिस बुला ली।
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छात्रों ने सवाल उठाया कि अगर उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन इतने कम समय में किया गया है तो यह कैसे सुनिश्चित हुआ कि प्रत्येक उत्तर को ठीक से पढ़कर अंक दिए गए? छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
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छात्रों का कहना था कि अपनी शिकायत रखने के लिए विश्वविद्यालय आने पर भी यदि उनकी बात नहीं सुनी जाएगी और सवाल पूछने पर पुलिस बुला ली जाएगी, तो वे अपनी समस्या किसके सामने रखें? छात्रों ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जांच कराने और शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण करने की मांग की।