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करिए रक्तदान, बचाइए मरीजों की जान, एक अक्टूबर को लगेगा शिविर
Tue, 29 Sep 2020 12:26 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 29 Sep 2020 12:26 AM IST
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अमर उजाला फाउंडेशन का रक्तदान शिविर
- फोटो : अमर उजाला
सरकारी ब्लड बैंक में मरीजों के इलाज के लिए रक्त की कमी है। इसके लिए अमर उजाला फाउंडेशन एक अक्तूबर को विश्व स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर अमर उजाला कार्यालय, एसएन मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक और जिला अस्पताल ब्लड बैंक में शिविर लगा रहा है। अगर आप रक्तदान कर मरीजों के इलाज में सहयोगी बनना चाहते हैं तोे बढ़ाइए कदम और करिए रक्तदान।
फाउंडेशन महादानियों को प्रशस्ति पत्र देगा। शिविर सुबह नौ बजे से शुरू हो जाएगा। एसएन मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि रक्तदान से पहले ब्लडप्रेशर, हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है। 12.5 प्रतिशत रक्त होने पर ही रक्तदान कराया जाता है।
रक्त की सिफलिस, हेपेटाइटिस बी-सी, एचआईवी और मलेरिया की न्यूक्लियर विधि से जांच कराई जाएगी। सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने कहा कि रक्तदान करेंगे तो यह मरीजों की बड़ी सेवा होगी।
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फाउंडेशन महादानियों को प्रशस्ति पत्र देगा। शिविर सुबह नौ बजे से शुरू हो जाएगा। एसएन मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि रक्तदान से पहले ब्लडप्रेशर, हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है। 12.5 प्रतिशत रक्त होने पर ही रक्तदान कराया जाता है।
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रक्त की एक यूनिट से बचती चार की जान
आपके रक्त की एक यूनिट से चार मरीजों की जान बचती है। इसमें से मशीनों के जरिए रक्त के अवयव अलग कर विभिन्न बीमारियों के मरीजों का इलाज होता है। रक्त से प्लाज्मा, रेड ब्लस सेल (आरबीसी), क्रायो और प्लेटलेट्स अलग की जाती हैं। जिस अवयव की मरीज को जरूरत होती है, उसे मुहैया करा दिया जाता है।
18 से 65 साल के स्वस्थ महिला-पुरुष कर सकते हैं रक्तदान
रक्तदान 18 से 65 साल के स्वस्थ लोग हर तीन महीने में रक्तदान कर सकते हैं। वजन 45 किलो से अधिक होना चाहिए। उनका ऑपरेशन नहीं हुआ हो या फिर कोई गंभीर बीमारी न हो।
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