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पुष्टाहार की कालाबाजारी: बाल विकास परियोजना अधिकारी निलंबित, पुलिस के निशाने पर अब ये कर्मचारी

Fri, 04 Oct 2024 08:48 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 04 Oct 2024 08:48 AM IST
सार

आगरा में पुष्टाहार की कालाबाजारी के मामले में बाल विकास परियोजना अधिकारी पर गाज गिर गई है। वहीं इस मामले में अभी कई ऐसे कर्मचारी हैं, जिन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। 
 

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Black marketing of nutritious food: Child Development Project officer suspended
आंगनबाड़ी के आहार की कालाबाजारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में पुष्टाहार की कालाबाजारी मामले में 17 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बाद बृहस्पतिवार रात शासन ने शहरी क्षेत्र के बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) विमल चाैबे को पुष्टाहार वितरण के पर्यवेक्षण में लापरवाही पर निलंबित कर दिया है।
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जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि जिले के सभी केंद्रों पर लाभार्थियों से वितरण की पुष्टि की जाएगी। इनके अलावा इस मामले में अभी तक नाई की मंडी केंद्र की संचालिका मालती शिवहरे, मीरा हुसैनी केंद्र की संचालिका भारती, मंटोला केंद्र की इंदु शर्मा, नालबंद केंद्र की संचालिका कांता शर्मा, सुपरवाइजर अनीता, चक्कीपाट केंद्र की माया, टीला हुसैन केंद्र संचालिका मधु, कटरा गढ़रियान केंद्र की बृजलता, टीला शेखमनु की रजनी, सदर भट्टी की सुनीता देवी, शाहगंज की मिथलेश, राजा की मंडी संचालिका विमला देवी, कुम्हार पाड़ा की मिथलेश व माधुरी शर्मा, कजीपाड़ा की रेनू अस्थाना, चिक्की पाड़ा की खुशबू सहित 17 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निलंबित की गई हैं।
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गोदाम के लिए 700 रुपये, साल भर बाद भुगतान
आंगनबाड़ी केंद्र कैसे संचालित होते हैं, इसका सच भी पूछताछ में सामने आ गया। पुष्टाहार रखने के लिए कार्यकर्ता को गोदाम बनाना होता है। इसके लिए 700 रुपये महीना मिलता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि इतनी कम रकम में गोदाम कैसे बन जाएगा। रकम भी सालभर बाद दी जाती है। बमुश्किल भुगतान हो पाता है।

 

मुख्यमंत्री सख्त, बोले-जड़ तक पहुंचें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गाैड को निर्देशित किया गया कि मामले में कोई बचना नहीं चाहिए। पुलिस इस पूरे खेल की जड़ तक जाए। दोषी जो भी हो, कार्रवाई करें। गर्भ में पल रहे शिशु को मिलने वाले आहार की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 
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अधिकारी की हालत बिगड़ी
गिरफ्तारी और सुपरवाइजर से पूछताछ के बाद दो अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। उन पर भी कार्रवाई हो सकती है। पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए फोन किया तो एक की हालत बिगड़ गई। जिन आंगनबाड़ी केंद्रों की शिकायत पूर्व में हुई हैं, उनका डाटा निकलवाया जा रहा है। देखा जा रहा है कि शिकायत के बाद जांच हुई या नहीं, कोई कार्रवाई की गई या नहीं।

 

भेजा गया जेल, हो रही जांच
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि गोदाम मालिक प्रवीण अग्रवाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भारती देवी और इंदु शर्मा को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है। आरोपियों से पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारी मिली हैं। इन पर गोपनीय तरीके से टीम जांच में जुटी हैं। कालाबाजारी में लिप्त सभी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 

एक कार्टन पर 500 तक की कमाई
गोदाम मालिक से पूछताछ में पता चला कि उन्हें रिफाइंड का एक कार्टन 1500 रुपये में मिल जाता है। इसे 2000 में खुले बाजार में बेच दिया करते थे। चना दाल भी 75 रुपये की जगह पर 100 रुपये तक में बिक जाती है। कमाई के लालच में वह माल खरीद रहे थे।

 

निशाने पर कई लोग
पुलिस के निशाने पर कई कर्मचारी हैं। वह उनके बारे में जानकारी जुटा रही है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किन-किन लोगों के संपर्क में हैं, यह भी पता किया जा रहा है।
 
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