{"_id":"6a34600d6413251d2f040a6c","slug":"black-marketing-of-medicines-using-cancelled-licenses-warehouses-to-be-inspected-agra-news-c-25-1-agr1036-1087973-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: निरस्त लाइसेंस पर दवाओं की कालाबाजारी, गोदामों की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: निरस्त लाइसेंस पर दवाओं की कालाबाजारी, गोदामों की होगी जांच
विज्ञापन
आगरा। दवाओं की कालाबाजारी-तस्करी के लिए माफिया निरस्त लाइसेंस का सहारा ले रहे हैं। बीते दिनों औषधि विभाग के छापे में ऐसा ही मामला पकड़ा गया है। औषधि विभाग निरस्त लाइसेंस की जांच कर रहा है। राज्य जीएसटी विभाग से भी इसके बारे में पता किया जा रहा है। चार गोदामों की भी जांच होगी, जिनमें दवाएं भरी हुई हैं। हालांकि अभी ये सील हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में टीम ने 20 फर्म और 12 गोदाम पर छापा मारा था। जांच में पाया कि गौरव मेडिको के गोदाम का लाइसेंस निरस्त हो चुका था। इसका उपयोग सीएफ एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर मोहम्मद शाहिद कुरैशी कर रहे थे। इनके अवैध गोदाम में 40 लाख रुपये की दवाएं मिलीं। ऐसे में निरस्त लाइसेंस भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
जीएसटी विभाग से पता किया जा रहा है कि निरस्त हो चुके लाइसेंस के नाम से कारोबार तो नहीं दर्शाया जा रहा है। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि छापे में सरकारी, सैंपल और एक्सपायर्ड दवाएं जब्त की गई हैं। निरस्त लाइसेंस समेत अन्य बिंदुओं पर भी जांच चल रही है।
विज्ञापन
चार गोदामों में बंद हैं दवाएं, नोटिस जारी
मुख्यालय की टीम ने 12-14 जून को 20 मेडिकल फर्म-गोदामों पर छापा मारा था। इसमें 12 के गोदामों के ताले तोड़कर जांच की गई थी। इनमें 80 लाख रुपये से अधिक की सैंपल और एक्सपायर दवाएं बरामद हुईं। इनमें अभी चार फर्म के गोदाम सील हैं। इनमें दवाएं भरी हुई हैं। लाइसेंस की भी जांच होनी है। सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि लाइसेंस धारक को नोटिस दिया गया है। उनकी मौजूदगी में ही गोदाम की जांच की जाएगी। अगर ये नहीं आते हैं तो पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में जांच होगी।
दो कारोबारियों की मौत से जांच रुकी
औषधि विभाग की कार्रवाई के बीच दो दवा कारोबारियों की मौत हो गई थी। इसमें एक की संदिग्ध हालत में और दूसरे को हृदयाघात हुआ था। ऐसे में चर्चा है कि टीम आधी जांच कर लौट गई है। आगे फिर टीम आएगी और सैंपल-सरकारी और एक्सपायर दवाओं के रैकेट की जांच करेगी।
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में टीम ने 20 फर्म और 12 गोदाम पर छापा मारा था। जांच में पाया कि गौरव मेडिको के गोदाम का लाइसेंस निरस्त हो चुका था। इसका उपयोग सीएफ एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर मोहम्मद शाहिद कुरैशी कर रहे थे। इनके अवैध गोदाम में 40 लाख रुपये की दवाएं मिलीं। ऐसे में निरस्त लाइसेंस भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
विज्ञापन
जीएसटी विभाग से पता किया जा रहा है कि निरस्त हो चुके लाइसेंस के नाम से कारोबार तो नहीं दर्शाया जा रहा है। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि छापे में सरकारी, सैंपल और एक्सपायर्ड दवाएं जब्त की गई हैं। निरस्त लाइसेंस समेत अन्य बिंदुओं पर भी जांच चल रही है।
विज्ञापन
चार गोदामों में बंद हैं दवाएं, नोटिस जारी
मुख्यालय की टीम ने 12-14 जून को 20 मेडिकल फर्म-गोदामों पर छापा मारा था। इसमें 12 के गोदामों के ताले तोड़कर जांच की गई थी। इनमें 80 लाख रुपये से अधिक की सैंपल और एक्सपायर दवाएं बरामद हुईं। इनमें अभी चार फर्म के गोदाम सील हैं। इनमें दवाएं भरी हुई हैं। लाइसेंस की भी जांच होनी है। सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि लाइसेंस धारक को नोटिस दिया गया है। उनकी मौजूदगी में ही गोदाम की जांच की जाएगी। अगर ये नहीं आते हैं तो पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में जांच होगी।
दो कारोबारियों की मौत से जांच रुकी
औषधि विभाग की कार्रवाई के बीच दो दवा कारोबारियों की मौत हो गई थी। इसमें एक की संदिग्ध हालत में और दूसरे को हृदयाघात हुआ था। ऐसे में चर्चा है कि टीम आधी जांच कर लौट गई है। आगे फिर टीम आएगी और सैंपल-सरकारी और एक्सपायर दवाओं के रैकेट की जांच करेगी।