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राकेश टिकैत ने संगठन को किया बदनाम, भाकियू भानु अकेले लड़ेगा लड़ाई: भानुप्रताप सिंह

Sun, 31 Jan 2021 10:20 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 31 Jan 2021 10:20 AM IST
सार

  • फिरोजाबाद के टूंडला में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (भानू) के प्रदेश कार्यालय इमलिया पर बैठक का आयोजन किया गया। इसमें भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप लगाए गए। बैठक में अलीगढ़, मथुरा, नोएडा, एटा, कासगंज जिले के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। 

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BKU Bhanu Bhanu Pratap Singh made serious allegations against Rakesh Tikait in Firozabad
बैठक में भाकियू भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह व कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि राकेश टिकैत ने हमारे संगठन को बदनाम किया है। राकेश टिकैत के पास 800 करोड़ की संपत्ति है। टिकैत ने मेरी 40 साल की तपस्या को बर्बाद कर दिया। हमने तो किसानों की सेवा करने में एक बेटे की भी बलि दे दी। मैं अभी अपने घर नहीं गया हूं। जब तक न्याय नहीं मिलेगा मैं किसानों की लड़ाई लड़ता रहूंगा। भानु का मतलब सूर्य है सूर्य हमेशा अकेला ही रहता है। मेरे साथी अगर मुझे सही समझे वह मेरे साथ रहें, जिसको जाना है वह चला जाए।

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उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन भानु अब अकेले ही किसानों की लड़ाई लड़ेगी। किसी संगठन का साथ नहीं लेगी। सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वैसे ही डेढ़ वर्ष के लिए रोक दिया है। जिस दिन उनकी प्रधानमंत्री से वार्ता होगी, उसी दिन तीनों कृषि कानूनों को रद्द करा दिया जाएगा। किसानों को छलने वालों की दाल नहीं गलने दी जाएगी। 
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'हिंसा करने वाले किसान नहीं'
भानु प्रताप सिंह ने कहा कि 26 जनवरी को लालकिला पर जो कुछ हुआ, उसमें किसानों पर आरोप लगाए गए। क्योंकि वहां आंदोलन तो किसान कर रहे थे, लेकिन जो हिंसा हुई उसे किसने किया यह किसी को नहीं पता। क्योंकि हिंसा करने वाले किसान हो ही नहीं सकते। भानू ने कहा कि हमने सरकार से कहा है जब तक प्रधानमंत्री से बात नहीं करा दोगे, हम धरना समाप्त नहीं करेंगे। भले ही मेरे तन पर कपड़ा नहीं रहे, नंगा ही संघर्ष करूंगा। प्रतिदिन सुबह दस से शाम पांच बजे तक धरना दिया जाएगा। 

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भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि राकेश टिकैत की नीयत को देखते हुए हमारे गुरू रमेश बाबा ने 20 फरवरी 2011 को आदेश दिया था अपना संगठन भानु के नाम से बनाओ। इसके बाद हम डेढ़ महीने में पैदल यात्रा कर दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचे थे। सरकार ने हमारे रुकने की व्यवस्था की थी। धरना स्थल पर उमा भारती भी आई थीं। 

उन्होंने कहा कि सरकार से केवल हमारी मांग थी कि किसान आयोग का गठन किया जाए। किसान के मरने पर एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए। पुलिसवाले के मरने पर दो करोड़ का दिया जाए। आर्मी के जवान को पांच करोड़ पर दिया जाए।

एसपी सिटी के निर्देशन में पुलिस फोर्स रहा अलर्ट
भाकियू भानु की सभा को लेकर प्रशासन अलर्ट रहा। किसानों की बैठक से दूर प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस के साथ अलर्ट रहे। एसपी सिटी मुकेश मिश्रा थाना पचोखरा में कैंप किए रहे। एसडीएम राजेश कुमार वर्मा और सीओ देवेन्द्र कुमार पुलिस फोर्स के साथ रजावली चौराहे व भाकियू भानु के कार्यालय के पास तैनात रहे। 
 
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