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'अयोध्या आंदोलन ही मुझे राजनीति में लाया था, पीएम धोएंगे पांच सौ साल का कलंक'- साक्षी महाराज
Wed, 05 Aug 2020 12:21 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 05 Aug 2020 12:21 AM IST
सार
उन्नाव के सांसद बोले, मैं अयोध्या आंदोलन व विध्वंस का साक्षी
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साक्षी महाराज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उन्नाव के सांसद डॉ सच्चिदानंद हरि साक्षी भी ढांचा विध्वंस के चश्मदीद हैं। शुरू से ही संत एवं महामंडलेश्वर के रूप में जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे साक्षी महाराज का कहना है कि घटना के कई दिन पूर्व से ही रामभक्त कारसेवकों का अयोध्या पहुंचना शुरू हो गया था।
लेकिन छह दिसंबर को राम भक्तों का आक्रोश चरम पर आ गया। जय श्रीराम के नारे लगा रहे कारसेवक किसी भी नेता को सुनने को तैयार नहीं थे। नेताओं के शांति के आह्वान से उनका आक्रोश एवं उत्साह और बढ़ रहा था। ढांचे का विध्वंस इसी आक्रोश का परिणाम है।
वर्ष 1992 में मथुरा से सांसद रहे साक्षी महाराज का कहना है कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन ही मुझे राजनीति में लाया। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन कर पांच सौ वर्ष के कलंक को धोएंगे। यह दिन हर देशवासी के लिए सौभाग्य का दिन है। इसके दिए देश के हिंदू-मुस्लिम सभी बधाई के पात्र हैं।
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लेकिन छह दिसंबर को राम भक्तों का आक्रोश चरम पर आ गया। जय श्रीराम के नारे लगा रहे कारसेवक किसी भी नेता को सुनने को तैयार नहीं थे। नेताओं के शांति के आह्वान से उनका आक्रोश एवं उत्साह और बढ़ रहा था। ढांचे का विध्वंस इसी आक्रोश का परिणाम है।
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वर्ष 1992 में मथुरा से सांसद रहे साक्षी महाराज का कहना है कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन ही मुझे राजनीति में लाया। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन कर पांच सौ वर्ष के कलंक को धोएंगे। यह दिन हर देशवासी के लिए सौभाग्य का दिन है। इसके दिए देश के हिंदू-मुस्लिम सभी बधाई के पात्र हैं।
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बैरियर तोड़ बाबा का नाम मिला
1991 के अध्योध्या आंदोलन में राम भक्तों का नेतृत्व कर सक्रिय भूमिका निभाने वाले साक्षी महाराज को अध्योध्या में बैरियर तोड़ बाबा के रूप में जाना गया। बताते हैं कि वे राम भक्तों को रोकने के लिए लगाए गए बैरियर को तोड़ते हुए अपने जत्थे के साथ प्रवेश कर गए थे।
आश्रम रहा केंद्र
साक्षी महाराज के दिल्ली मॉडल टाउन स्थित आश्रम उन दिनों राम जन्मभूमि गतिविधियों का केंद्र बन गया था। विहिप, भाजपा एवं अन्य हिंदू संगठनों के नेताओं का जमावड़ा रहता था।
ट्वीट करने वालों को ट्रीटमेंट चाहिए
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए साक्षी महाराज ने कहा कि हिंदू संतों को भगवा आतंकवाद कहने वाले दिग्विजय को ट्रीटमेंट की जरूरत है। -डॉ सच्चिदानंद हरि साक्षी, सांसद
1991 के अध्योध्या आंदोलन में राम भक्तों का नेतृत्व कर सक्रिय भूमिका निभाने वाले साक्षी महाराज को अध्योध्या में बैरियर तोड़ बाबा के रूप में जाना गया। बताते हैं कि वे राम भक्तों को रोकने के लिए लगाए गए बैरियर को तोड़ते हुए अपने जत्थे के साथ प्रवेश कर गए थे।
आश्रम रहा केंद्र
साक्षी महाराज के दिल्ली मॉडल टाउन स्थित आश्रम उन दिनों राम जन्मभूमि गतिविधियों का केंद्र बन गया था। विहिप, भाजपा एवं अन्य हिंदू संगठनों के नेताओं का जमावड़ा रहता था।
ट्वीट करने वालों को ट्रीटमेंट चाहिए
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए साक्षी महाराज ने कहा कि हिंदू संतों को भगवा आतंकवाद कहने वाले दिग्विजय को ट्रीटमेंट की जरूरत है। -डॉ सच्चिदानंद हरि साक्षी, सांसद