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भाजपा विधायक का दावा, 'जीएसटी और एडीए ऑफिस' में कैद रहे थे शिवाजी, उठाई ये मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 14 Sep 2018 10:05 AM IST
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फाइल फोटो
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आगरा में भाजपा के विधायक योगेंद्र उपाध्याय अब तक गंगाजल परियोजना को लेकर चर्चा में रहते थे, लेकिन अब उन्होंने नया शिगूफा छोड़ा है। उनका कहना है कि छत्रपति शिवाजी को जयपुर राज परिवार के बंगले में कैद कर रखा गया था, जो वर्तमान में जीएसटी और एडीए ऑफिस है।
विधायक ने शहर की पाश कॉलोनी जयपुर हाउस में स्थित जीएसटी कार्यालय और आगरा विकास प्राधिकरण के कार्यालय में छत्रपति शिवाजी का स्मारक बनाने की मांग की है। इसके संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी वार्ता की है।
योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक इतिहास का यह तथ्य गलत है कि मुगल बादशाह औरंगजेब ने शिवाजी महाराज को आगरा किला में कैद रखा था। उन्होंने कहा कि इतिहासकार प्रोफेसर अगम प्रसाद माथुर के शोध और यहां तैनात रहे पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद् भुवन विक्रम का भी ऐसा मानना है कि शिवाजी महाराज को किले में कैद नहीं रखा गया था।
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विधायक ने शहर की पाश कॉलोनी जयपुर हाउस में स्थित जीएसटी कार्यालय और आगरा विकास प्राधिकरण के कार्यालय में छत्रपति शिवाजी का स्मारक बनाने की मांग की है। इसके संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी वार्ता की है।
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योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक इतिहास का यह तथ्य गलत है कि मुगल बादशाह औरंगजेब ने शिवाजी महाराज को आगरा किला में कैद रखा था। उन्होंने कहा कि इतिहासकार प्रोफेसर अगम प्रसाद माथुर के शोध और यहां तैनात रहे पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद् भुवन विक्रम का भी ऐसा मानना है कि शिवाजी महाराज को किले में कैद नहीं रखा गया था।
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जयपुर राज परिवार का था बंगला
विधायक ने बताया कि पड़ताल में यह पता चला है कि शिवाजी को जयपुर राज परिवार के बंगले में कैद रखा था। बाद में वो अवेद्य बंगले का निर्माण करा रहा था, जहां उन्हें जीवनभर कैद रखना चाहता था।
बाद में यह संपत्ति किसी श्रीराम परिवार के हवाले हो गई। 1970 के आसपास नगर निगम के हैंडओवर हो गई। निगम ने यहां जयपुर हाउस कॉलोनी बसाई और अब दोनों बंगलों में जीएसटी और एडीए कार्यालय हैं।
उन्होंने कहा कि यहां शिवाजी महाराज का स्मारक का बनना चाहिए। इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता हुई है। उन्होंने जयपुर के राजपरिवार से मिलकर और तथ्य जुटाने का निर्देश दिया है। अचानक इस मुद्दे उठाने के सवाल पर योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि इतिहास की सही जानकारी होना, इतिहास सहेजकर रखना बहुत जरूरी है।
बाद में यह संपत्ति किसी श्रीराम परिवार के हवाले हो गई। 1970 के आसपास नगर निगम के हैंडओवर हो गई। निगम ने यहां जयपुर हाउस कॉलोनी बसाई और अब दोनों बंगलों में जीएसटी और एडीए कार्यालय हैं।
उन्होंने कहा कि यहां शिवाजी महाराज का स्मारक का बनना चाहिए। इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता हुई है। उन्होंने जयपुर के राजपरिवार से मिलकर और तथ्य जुटाने का निर्देश दिया है। अचानक इस मुद्दे उठाने के सवाल पर योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि इतिहास की सही जानकारी होना, इतिहास सहेजकर रखना बहुत जरूरी है।