आगरा: प्रत्याशी घोषित होते ही भाजपा के दावेदारों में आक्रोश, दिगंबर सिंह धाकरे ने दिया इस्तीफा
मेयर का चुनाव लड़ चुके दिगंबर सिंह धाकरे खेरागढ़ विधानसभा में भाजपा के टिकट के दावेदार थे। दोपहर में भाजपा ने टिकटों की घोषणा की तो दिगंबर सिंह ने फेसबुक के जरिये अपनी नाराजगी जाहिर की और तुरंत बाद इस्तीफे का एलान कर दिया।
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आगरा जिले में प्रत्याशी घोषित होते ही भाजपा में टिकट के दावेदारों में आक्रोश फैल गया है। खेरागढ़ विधानसभा सीट से टिकट मांग रहे दिगंबर सिंह धाकरे ने भगवान सिंह कुशवाह को टिकट देने पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया। दिगंबर सिंह धाकरे ने कहा कि वह खेरागढ़ से चुनाव जरूर लड़ेंगे, किस दल से उतरेंगे, यह तय नहीं है, लेकिन लड़ेंगे जरूर। वहीं, फतेहपुर सीकरी विधानसभा में दावेदार जितेंद्र फौजदार ने दोपहर में समर्थकों के साथ बैठक की, जिसमें तय किया कि दो दिन गांव, गली में घूमने के बाद चुनाव लड़ने का फैसला लेंगे।
मेयर का चुनाव लड़ चुके दिगंबर सिंह धाकरे खेरागढ़ विधानसभा में भाजपा के टिकट के दावेदार थे। दोपहर में भाजपा ने टिकटों की घोषणा की तो दिगंबर सिंह ने फेसबुक के जरिये अपनी नाराजगी जाहिर की और तुरंत बाद इस्तीफे का एलान कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे लगातार आश्वासन दिया जा रहा था। बसपा द्वारा गंगाधर कुशवाहा को टिकट मिलने के बाद मुझे नंबर 1 का दावेदार बताया गया, लेकिन टिकट बसपा से 15 दिन पहले भाजपा में आए भगवान सिंह कुशवाह को दे दिया गया। वह चुनाव जरूर लड़ेंगे।
जनता जनार्दन का हुआ आदेश तो लड़ूंगा चुनाव : जितेंद्र
चौधरी बाबूलाल के नाम की घोषणा होते ही भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र फौजदार के समर्थकों ने आगरा गेट पर पंचायत बुलाई, जिसमें समर्थकों ने कहा कि आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं का अपमान किया गया है। उन्होंने जितेंद्र फौजदार से निर्दलीय चुनाव लड़ने की मांग की, जिस पर फौजदार ने कहा कि वह दो दिन बाद फैसला लेंगे।
भाजपा नेता राजेश कुशवाहा ने पार्टी छोड़ी
फतेहाबाद से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुके राजेश कुशवाहा ने उपेक्षा से नाराज होकर पार्टी छोड़ दी। पार्टी अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा ने उन्हें प्रदेश महासचिव बनाया है। वह विधानसभा टिकट की दावेदारी कर रहे थे।
कोरी समाज ने जताया आक्रोश
कोरी/कोली समाज के जिलाध्यक्ष गौरव माहौर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने कोरी समाज को ठगा है। जब से आरक्षण शुरू हुआ है, तब से अब तक भाजपा ने कोली समाज के प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया। 9 में से किसी सीट पर समाज को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया।
आगरा में भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अग्रवाल संगठनों ने बागी तेवर दिखाए हैं। अग्रवाल संगठनों ने अग्रवाल समाज के व्यक्ति को टिकट नहीं देने पर आक्रोश जताया गया। व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल भी आगरा उत्तर से दावेदार थे। उन्होंने कहा कि आगरा अग्रवालों की राजधानी है। यहां शुरू से अग्रवाल प्रत्याशी चुनाव जीतते रहे हैं। भाजपा ने समाज की उपेक्षा की है और टिकट न देकर समाज को अपमानित किया है।
विनय अग्रवाल ने कहा कि पार्टी का पोषणकर्ता ही शोषण का शिकार हो रहा है। हम सरकार को टैक्स देते हैं, पर चुनाव के वक्त समाज को नकार दिया जाता है। केदारनाथ अग्रवाल ने कहा कि सभी अग्रवाल संगठन एक होकर जब तक भाजपा प्रत्याशी को हराने का काम नहीं करेंगे तब तक पार्टी इसी तरह उपेक्षा करती रहेगी।
विनोद अग्रवाल ने कहा कि अब हम झुकेंगे नहीं, रुकेंगे नहीं। यह आंदोलन अग्रवाल समाज के हित में समाज को न्याय मिलने तक जारी रहेगा। हीरेन अग्रवाल ने आंदोलन को धार देने के लिए समाज को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की। सुरेश कंसल और मनोज गर्ग ने इस चुनाव में अपना एक नेता चुनने का आह्वान किया।