विधानसभा उपचुनाव: भाजपा ने टूंडला के सियासी मैदान में नया चेहरा उतारकर सबको चौंकाया
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। टूंडला विधानसभा सुरक्षित सीट से भाजपा ने एक बार फिर धनगर समाज पर ही कार्ड खेला है।
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टूंडला विधानसभा उपचुनाव में एटा निवासी भाजपा ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री प्रेम सिंह धनगर को प्रत्याशी घोषित कर भाजपा ने सभी को चौंका दिया। टिकट पर दावा करने वाले स्थानीय कार्यकर्ताओं की लंबी सूची थी। आगरा सांसद एसपी सिंह बघेल की बेटी का नाम भी टिकट के दावेदारों में शामिल था।
वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल टूंडला विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर योगी सरकार में मंत्री बने थे। आगरा लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ाए जाने पर उन्होंने विधानसभा सीट छोड़ दी थी। आगरा लोकसभा सीट पर भी उन्होंने विजय हासिल की थी। तब से टूंडला विधानसभा सीट खाली चल रही थी।
मंगलवार को भाजपा प्रत्याशी के तौर पर प्रेम सिंह धनगर के नाम की घोषणा होने के बाद टिकट के दावेदारों को झटका लगा है। चुनाव को लेकर उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के साथ हुई बैठक में कार्यकर्ताओं ने जिले के ही पार्टी नेता या कार्यकर्ता को टिकट देने की मांग की थी।
जातीय समीकरण साधने की कोशिश
टूंडला से ही दो पूर्व विधायक टिकट की दावेदारी कर रहे थे। आगरा के सांसद प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल की पुत्री डॉ. सलोनी बघेल के साथ ही पूर्व मेयर अंजुला माहौर की दावेदारी चर्चा में थी। पार्टी हाईकमान ने नया चेहरा लाकर सभी की चौंका दिया।
सपा ने भी धनगर समाज के उम्मीदवार पर दांव लगाया है। माना जा रहा है कि भाजपा ने टिकट को लेकर स्थानीय गुटबाजी को देखते हुए दूसरे जिले के कार्यकर्ता पर दांव लगाया है। वहीं धनगर समाज को टिकट देकर जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है।
वायरल सूची में नीलम दिवाकर को दर्शाया गया था प्रत्याशी
कुछ दिन एक फर्जी सूची वायरल हुई थी। जिसमे टूंडला की नीलम दिवाकर को टूंडला सीट से प्रत्याशी दर्शाया गया था। बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया था। भाजपा जिलाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने सूची का खंडन कर भ्रम दूर दिया था।