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किसानों के लिए बड़ी मुसीबत: डीएपी के लिए खूब हो रही मारामारी, घंटों की लाइन...फिर भी नहीं मिल रही खाद
Thu, 03 Oct 2024 04:18 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 03 Oct 2024 04:18 PM IST
सार
डीएपी खाद को लेकर किसान परेशान हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। सरसों, मटर और आलू की बुवाई शुरू हो रही है, ऐसे में खाद न मिलने से फसल में देरी होने का डर भी बना हुआ है।
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DAP - Etah
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एटा में रबी की फसल बुवाई का समय आ गया है, इसको लेकर किसान डीएपी की मांग करने लगे हैं। लेकिन सहकारी समितियों पर खाद की मारामारी हो रही है। सुबह से ही लाइन में लगकर किसान खाद की खरीद को लेकर खड़े हैं, लेकिन उनको आसानी से उपलबध नहीं हो पा रही है। इसके चलते किसानों की परेशानियां बढ़ी हुईं हैं।
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डीएपी खाद की मांग बढ़ते ही सहकारी समितियों पर मनमानी होने लगी है। अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार को सहकारी समिति अलीगंज तिराहा और इफको के सेंटर की पड़ताल की। किसानों का कहना है कि सुबह 6 बजे से खड़े हैं, लेकिन जरूरत के अनुसार खाद नहीं दी जा रही है। खतौनी के आधार पर खाद नहीं मिलने से परेशानी बनी हुई है, सुबह से ही लाइन में लगने के बाद एक बोरी दी जा रही है। इस पर भी 5 रुपये पल्लेदारी के नाम पर लिए जा रहे हैं। सरसों, मटर और आलू की बुवाई करने के लिए डीएपी की मांग अधिक हो रही है और किसान परेशान हैं।
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ये बोले किसान
जवाहरपुर के रहने वाले रामप्यारी ने बताया कि सरसों की बुवाई करनी है, इसके लिए सुबह से ही खाद लेने के लिए आई थी। 3 बजे खाद मिली है, वह भी मांग के अनुसार नहीं दी गई है, अब खाद कहां से खरीदें, इस बात की चिंता सता रही है। वहीं सराय जवाहरपुर निवासी किसान होतीलाल का कहना है कि मटर की बुवाई करने के लिए 3 बोरी डीएपी की जरूरत है, सुबह से लाइन मेें खड़े हैं। एक बोरी खाद दी गई है, इससे कैसे बुवाई कर पाएंगे, इसको लेकर परेशानी बनी हुई है।
जवाहरपुर के रहने वाले रामप्यारी ने बताया कि सरसों की बुवाई करनी है, इसके लिए सुबह से ही खाद लेने के लिए आई थी। 3 बजे खाद मिली है, वह भी मांग के अनुसार नहीं दी गई है, अब खाद कहां से खरीदें, इस बात की चिंता सता रही है। वहीं सराय जवाहरपुर निवासी किसान होतीलाल का कहना है कि मटर की बुवाई करने के लिए 3 बोरी डीएपी की जरूरत है, सुबह से लाइन मेें खड़े हैं। एक बोरी खाद दी गई है, इससे कैसे बुवाई कर पाएंगे, इसको लेकर परेशानी बनी हुई है।
कॉऑपरेटिव के एआर बोले- नहीं है खाद की कमी
कॉऑपरेटिव के एआर सतीश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि डीएपी खाद की कमी नहीं है, वर्तमान में 3673 एमटी मौजूद है। किसानों की मांग के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि फसलों की बुवाई आसानी से कर सकेंग। दो दिन बाद एक रैक और भी आ रही है।
कॉऑपरेटिव के एआर सतीश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि डीएपी खाद की कमी नहीं है, वर्तमान में 3673 एमटी मौजूद है। किसानों की मांग के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि फसलों की बुवाई आसानी से कर सकेंग। दो दिन बाद एक रैक और भी आ रही है।