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मैनपुरी में बंधक भूमि का कर दिया फर्जी बैनामा, फिर दोबारा लिया ऋण
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मैनपुरी। तहसील किशनी क्षेत्र में बैंक से बंधक एक कृषि योग्य भूमि का फर्जी बैनामा कर दिया। इतना ही नहीं जमीन का दाखिल खारिज करने के बाद दोबारा एक अन्य बैंक से ऋण भी करा लिया। मामला संज्ञान में आने पर तहसील प्रशासन में खलबली मच गई है।
नगला बरी निवासी शिवसिंह उर्फ शिवमंगल सिंह के नाम पलिया में गाटा संख्या 458 की तीन भाग भूमि सिंडीकेट बैंक शाखा स्टेशन रोड मैनपुरी से तीन लाख रुपये ऋण लेने के कारण बंधक है। फर्द पर बंधक आदेश भी दर्ज है। इसी भूमि को गांव नगला नगला बिके निवासी छक्कीलाल उर्फ शिवमंगल सिंह ने एक फर्जीवाड़ा कर अपनी पुत्रवधू रीना पत्नी जितेंद्र सिंह के नाम पांच अक्तूबर 2019 को बैनामा कर दिया।
तहसील प्रशासन ने भी इस भूमि का दाखिल खारिज कर दिया। इतना ही नहीं उसने इसी भूमि पर आर्यावर्त बैंक शाखा चितायन से 18 फरवरी 2021 को ऋण भी ले लिया। इसके बाद दोबारा एक बंधक आदेश दर्ज कर दिया। जानकारी होने पर पीड़ित शिवसिंह ने मामले की शिकायत तहसील प्रशासन से की। इससे खलबली मच गई। अब हर कोई अपनी गलती छिपाने में लगा है।
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वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में नहीं हैं। बंधक भूमि का कैसे बैनामा कर दिया गया, इसकी जांच की जाएगी। अगर ऐसा हुआ है तो उसमें सुधार कराया जाएगा।
रामसकल मौर्य, एसडीएम किशनी।
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नगला बरी निवासी शिवसिंह उर्फ शिवमंगल सिंह के नाम पलिया में गाटा संख्या 458 की तीन भाग भूमि सिंडीकेट बैंक शाखा स्टेशन रोड मैनपुरी से तीन लाख रुपये ऋण लेने के कारण बंधक है। फर्द पर बंधक आदेश भी दर्ज है। इसी भूमि को गांव नगला नगला बिके निवासी छक्कीलाल उर्फ शिवमंगल सिंह ने एक फर्जीवाड़ा कर अपनी पुत्रवधू रीना पत्नी जितेंद्र सिंह के नाम पांच अक्तूबर 2019 को बैनामा कर दिया।
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तहसील प्रशासन ने भी इस भूमि का दाखिल खारिज कर दिया। इतना ही नहीं उसने इसी भूमि पर आर्यावर्त बैंक शाखा चितायन से 18 फरवरी 2021 को ऋण भी ले लिया। इसके बाद दोबारा एक बंधक आदेश दर्ज कर दिया। जानकारी होने पर पीड़ित शिवसिंह ने मामले की शिकायत तहसील प्रशासन से की। इससे खलबली मच गई। अब हर कोई अपनी गलती छिपाने में लगा है।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं हैं। बंधक भूमि का कैसे बैनामा कर दिया गया, इसकी जांच की जाएगी। अगर ऐसा हुआ है तो उसमें सुधार कराया जाएगा।
रामसकल मौर्य, एसडीएम किशनी।