Agra: दुबई से ऑपरेट होने वाले सट्टे का चार राज्यों में फैला नेटवर्क, 75 ने खरीद रखी है लॉगइन आईडी
आगरा के सबसे बड़े क्रिकेट सट्टे के बुकी अंकुश मंगल के पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं। अंकुश मंगल का नेटवर्क चार राज्यों तक फैला है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और गुजरात के तकरीबन 75 लोग उससे लॉगइन आईडी खरीद चुके हैं।
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दुबई से ऑपरेट वेबसाइट पर आईडी खरीदकर क्रिकेट सट्टा कराने वाले वाले कमला नगर के अंकुश मंगल का नेटवर्क चार राज्यों तक फैला है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और गुजरात के तकरीबन 75 लोग उससे लॉगइन आईडी खरीद चुके हैं। हर राज्य में तकरीबन 25 गुर्गे सट्टे का काम संभालते थे। मुनाफे की रकम को हवाला से एक दूसरे तक पहुंचाया जाता है।
पूछताछ में लगी अहम जानकारी हाथ
सीओ हरीपर्वत एएसपी सत्य नारायन ने बताया कि क्रिकेट सट्टे के बुकी अंकुश मंगल से पूछताछ में कई जानकारी हाथ लगी हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा और गुजरात में उसने लॉगइन आईडी बेच रखी हैं। तकरीबन 70 से 75 लोग सट्टे में शामिल हैं। उसने कुछ नाम बताए हैं। वहीं अलग-अलग राज्य में काम संभालने के लिए 20 से 25 साथियों को जिम्मेदारी दी हुई थी। अब पुलिस उसके साथियों की धरपकड़ के प्रयास में लगी हैं। कुछ दवा और चांदी कारोबारी उसकी दो नंबर की कमाई को एक नंबर में बदल रहे थे। उनके भी नाम पुलिस को मिल गए हैं। उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
एक आईडी से लिया जाता था 4 हजार रुपये महीना
यह भी पता चला है कि अंकुश जिन लोगों को आईडी बेचता था, उनसे चार हजार रुपये महीना लिया करता था। फिर चाहें मैच हो या नहीं। इसकी भी जिम्मेदारी नहीं थी। अगर, कोई पैसा नहीं देता था तो उससे वसूली करने के लिए अपने गुर्गों को भेजता था। वो लोगों को धमकाने का भी काम करते थे।
गिरफ्त में आते ही डिलीट करा दिया आईफोन का डाटा
अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़े क्रिकेट बुकी हाईटेक तरीके से सट्टे का सिंडीकेट आपरेट कर रहा था। उसने दुबई की वेबसाइट पर दस लाख रुपये में सुपर मास्टर लॉगइन आईडी खरीदी थी। इसके बाद सब आईडी दस हजार से एक लाख में बेच रखी थीं। रकम का हिसाब किताब एक सॉफ्टवेयर में रखता था। इसके अलावा आईफोन में भी महत्वपूर्ण जानकारी थी। उसने फरीदाबाद में फ्लैट पर पुलिस के पहुंचते ही अपने आईफोन का डेटा अपने साथी की मदद से रिमोटली डिलीट करा दिया। पुलिस ने पहले आईफोन को एयरप्लेन मोड पर कर दिया, लेकिन उसे खोलते ही फोन लॉक हो गया। अब पुलिस आईफोन को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजेगी, जिससे डाटा रिकवर कराया जा सके।
फ्लैट में कैमरे से देख लिया था पुलिस का मूवमेंट
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि अंकुश फरीदाबाद के जिस फ्लैट में रह रहा था, उसमें कैमरे लगे हुए थे। संभवत: जब पुलिस पहुंची तो अंकुश को पता चल गया। पुलिस ने उसे गिरफ्त में लेते ही उसका आईफोन कब्जे में लिया। उसे फ्लाइट मोड पर कर दिया, जिससे किसी को जानकारी नहीं मिल पाए। मगर, जब ऑन किया तो डाटा डिलीट हो चुका था। आईफोन की एक अपनी आईडी होती है। अगर, किसी अन्य को आईडी का पासवर्ड दे दिया जाए तो वह दूर बैठे ही मोबाइल का डाटा डिलीट कर सकता है। अंकुश के मामले में भी ऐसा हुआ है।
एक-एक करके बेच रहा था संपत्ति
अंकुश को पुलिस गिरफ्तार करने वाली है, यह जानकारी लीक हो गई थी। इस पर अंकुश एक-एक करके अपनी संपत्ति बेचने लगा था। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया। इसे भी पूरी तरह से गोपनीय रखा गया। उसकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी भी एसपी सिटी और एएसपी हरीपर्वत को सौंपी गई। मगर, यह भी सूचना लीक हो गई। क्योंकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही उसके परिचितों के मोबाइल बंद हो गए, जिससे उसकी लोकेशन नहीं पता की जा सके। उसने अपने रिश्तेदार और परिवार के लोगों को भी इधर उधर भेजना शुरू कर दिया था। पुलिस उसकी 14 करोड़ की संपत्ति चिह्नित कर ली है। उसे जब्त किया जाएगा।
सोसायटी में 60 हजार रुपये महीने पर था फ्लैट
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि अंकुश फरीदाबाद की जिस पुरी आनंद विहास सोसायटी से गिरफ्तार किया गया, वहां उसने 60 हजार रुपये महीना किराये पर फ्लैट लिया था। इस सोसायटी में 200 निजी सुरक्षा कर्मी हैं। एक शिफ्ट में सौ गार्ड ड्यूटी करते हैं। फ्लैट के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अंदर से बाहर आने वाले को देखा जा सकता है।