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बेसलाइन सर्वेक्षण में भ्रामक डाटा किया फीड, नोटिस
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मैनपुरी। शौचालय से वंचित परिवारों को चिह्नित करने और ग्राम सभा के विभिन्न कार्यों की ऑनलाइन फीडिंग के लिए बेसलाइन सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसमें पंचायत राज विभाग ने भ्रामक डाटा फीड कर दिया। मामला पकड़ में आने के बाद शासन ने डीएम को पत्र भेजा है। डीएम ने डीपीआरओ को नोटिस जारी का जवाब मांगा है। इसके साथ ही सुधार के निर्देश दिए हैं।
शासन ने शौचालय से वंचित परिवारों को चिह्नित करने और ग्रामसभा में किए गए विभिन्न कार्यों का डाटा ऑनलाइन फीड करने के निर्देश दिए हैं। इसमें नाली निर्माण, शॉकपिट निर्माण, खाद के गड्ढे निर्माण, वॉल पेंटिंग, स्कूल शौचालय, आंगनबाड़ी शौचालय आदि शामिल है। बेसलाइन सर्वेक्षण 2020 के तहत इस कार्य को किया जा रहा है। ऑनलाइन डाटा फीडिंग की पूरी जिम्मेदारी गांवों में तैनात स्वच्छाग्रहियों को दी गई है। उन्हें मोबाइल एप के माध्यम से डाटा फीड करना है।
इसी फीडिंग में जिले से ऑनलाइन एप पर भ्रामक फीडिंग कर दी गई है। शासन स्तर पर मामला पकड़ में आने के बाद अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने डीएम को पत्र भेजा है। पूरे मामले की जानकारी देते हुए उन्होंने सुधार के आदेश दिए गए हैं। आदेश आने के बाद डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने सीडीओ ईशा प्रिया को उचित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। सीडीओ ने डीपीआरओ स्वामीदीन को नोटिस जारी कर फीडिंग तत्काल सही कराने के साथ ही जवाब उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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लापरवाही की भी कही गई है बात
बेसलाइन सर्वेक्षण 2020 के लिए 26 दिसंबर तक हर हाल में कार्य पूरा किया जाना है। इसके बावजूद शौचालयों से वंचितों की फीडिंग का काम अब तक शुरू भी नहीं किया गया है। अपर मुख्य सचिव द्वारा भेजे गए पत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि लापरवाही के चलते अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है।
शासन से गलत फीडिंग का पत्र प्राप्त हुआ है। डीपीआरओ को नोटिस जारी कर सुधार के आदेश दिए गए हैं। साथ ही सर्वेक्षण समय से और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराने के लिए कहा गया है।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।
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शासन ने शौचालय से वंचित परिवारों को चिह्नित करने और ग्रामसभा में किए गए विभिन्न कार्यों का डाटा ऑनलाइन फीड करने के निर्देश दिए हैं। इसमें नाली निर्माण, शॉकपिट निर्माण, खाद के गड्ढे निर्माण, वॉल पेंटिंग, स्कूल शौचालय, आंगनबाड़ी शौचालय आदि शामिल है। बेसलाइन सर्वेक्षण 2020 के तहत इस कार्य को किया जा रहा है। ऑनलाइन डाटा फीडिंग की पूरी जिम्मेदारी गांवों में तैनात स्वच्छाग्रहियों को दी गई है। उन्हें मोबाइल एप के माध्यम से डाटा फीड करना है।
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इसी फीडिंग में जिले से ऑनलाइन एप पर भ्रामक फीडिंग कर दी गई है। शासन स्तर पर मामला पकड़ में आने के बाद अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने डीएम को पत्र भेजा है। पूरे मामले की जानकारी देते हुए उन्होंने सुधार के आदेश दिए गए हैं। आदेश आने के बाद डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने सीडीओ ईशा प्रिया को उचित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। सीडीओ ने डीपीआरओ स्वामीदीन को नोटिस जारी कर फीडिंग तत्काल सही कराने के साथ ही जवाब उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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लापरवाही की भी कही गई है बात
बेसलाइन सर्वेक्षण 2020 के लिए 26 दिसंबर तक हर हाल में कार्य पूरा किया जाना है। इसके बावजूद शौचालयों से वंचितों की फीडिंग का काम अब तक शुरू भी नहीं किया गया है। अपर मुख्य सचिव द्वारा भेजे गए पत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि लापरवाही के चलते अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है।
शासन से गलत फीडिंग का पत्र प्राप्त हुआ है। डीपीआरओ को नोटिस जारी कर सुधार के आदेश दिए गए हैं। साथ ही सर्वेक्षण समय से और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराने के लिए कहा गया है।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।