Agra News: पुलिस के रडार पर बैंक और तहसील कर्मी, 2.40 करोड़ में बेच दी थी 10 करोड़ की जमीन
पुलिस की जांच में पता चला कि जिस खाते में 2.40 करोड़ रुपये गए, वह बरहन की एक बैंक का है। इस खाते को स्कीम के तहत खुलवाया गया था। मगर, सत्यापन किया गया या नहीं? इसके लिए कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
विस्तार
आगरा के थाना एत्मादपुर के गांव धरैरा में फर्जी मालिक बनकर 32 बीघा यानी दस करोड़ की जमीन को आधे से भी कम दाम में बेचने की जांच हो रही है। इसमें बैंक और तहसील कर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस खाता खोलने वाले, बैनामा करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। इसके अलावा फर्जी कृष्णा की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। उसने बैनामा करने के लिए अपना आधार कार्ड लगाया था।
ये है मामला
न्यू राधा नगर निवासी कृष्णा तोमर की गांव धरैरा स्थित 35 बीघा जमीन (कच्चे) में से 32 बीघा को कूटरचित दस्तावेज से बेचा गया था। जमीन नेमीनाथ मेडिकल कॉलेज के मालिक प्रदीप गुप्ता के बेटे दीपेश गुप्ता ने खरीदी थी। इसमें दोनों पक्षों के गवाह बनाए गए थे।
पुलिस जांच में उठ रहे ये सवाल
पुलिस की जांच में पता चला कि जिस खाते में 2.40 करोड़ रुपये गए, वह बरहन की एक बैंक का है। इस खाते को स्कीम के तहत खुलवाया गया था। मगर, सत्यापन किया गया या नहीं? इसके लिए कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। इस खाते में 2.40 करोड़ रुपये की रकम गई। इसके बावजूद बैंक कर्मचारियों ने खाते में लेन-देन पर रोक क्यों नहीं लगाई? यह भी सवाल है।
इनकी भूमिका भी संदिग्ध
उधर, तहसील एत्मादपुर के कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। डीसीपी पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि तहसील और बैंक कर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है।