Agra: दफ्तर सील करने पहुंची टीम तो बीमा कपनी ने चुकाया बकाया, 142.39 करोड़ रुपये का बैंक खाता हुआ था कुर्क
मोटर दुर्घटना के एक मामले में अदालत के आदेश पर प्रशासन ने बीमा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की। जब टीम बीमा कंपनी का दफ्तर सील करने पहुंची तो बकाया भुगतान किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में मोटर दुर्घटना के मामले में बकाया राशि की वसूली के लिए बुधवार को संजय प्लेस में दिनभर ड्रामा चला। अदालत ने आईसीआईसीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी से 1.35 करोड़ रुपये वसूली के आदेश प्रशासन को दिए थे। वसूली के लिए प्रशासन ने पहले बीमा कंपनी का 142.39 करोड़ रुपया का बैंक खाता सीज किया। बुधवार को टीम कंपनी का दफ्तर सील करने पहुंची, तो सीज खाते से शाखा प्रबंधक ने बकाया राशि का डिमांड ड्राफ्ट बनाकर टीम को थमा दिया।
मोटर दुर्घटना प्रतिकर मामले में मथुरा की अदालत ने शना बनाम भारती एक्सा जनरल इश्योरेंस कंपनी द्वारा आईसीआईसीआई जनरल इश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध 27 सितंबर को 1.35 करोड़ रुपये की वसूली के आदेश दिए थे। 20 दिसंबर तक कंपनी ने भुगतान नहीं किया। जिसके बाद भू राजस्व के माध्यम से वसूली के लिए जिलाधिकारी के जरिये रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी हुई।
सात दिन में भुगतान का दिया था नोटिस
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट परिक्षित खटाना के आदेश पर 20 दिसंबर को प्रशासन ने संजय प्लेस स्थित बैंक में बीमा कंपनी का खाता कुर्क कर लिया। इसमें 142.39 करोड़ रुपये जमा थे। सात दिन में भुगतान का नोटिस दिया था। नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं करने पर बुधवार को प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए बीमा कंपनी के संजय प्लेस स्थित दफ्तर को सीज करने वाली थी। तभी कंपनी ने 1.35 करोड़ रुपये की बकाया राशि का डीडी प्रस्तुत कर दिया। जिसके बाद बैंक खाता और दफ्तर की कुर्की की कार्रवाई रोक दी गई।
हो सकती थी एफआईआर
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट परिक्षित खटाना के अनुसार बैंक खाता और दफ्तर सीज होने के बाद भी भुगतान नहीं करने पर शाखा प्रबंधक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हो सकती थी। बैंक खाते में 142 करोड़ रुपये थे। जिसमें से 1.35 करोड़ रुपये की बकाया राशि बुधवार को वसूली गई है।