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बांग्लादेशी घुसपैठिए: नदी से होकर भारत में प्रवेश, हिंदी सीखने के लिए टीवी पर देखते हैं सीरियल और फिल्म
Tue, 07 Feb 2023 09:02 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 07 Feb 2023 09:02 AM IST
सार
भारत में हिंदी बोली जाती है। इस कारण वो लोग टीवी पर हिंदी फिल्म और सीरियल देखते हैं। इससे हिंदी सीख जाते हैं।
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बांग्लादेशियों की बस्ती
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बांग्लादेशी भारत आने के लिए हिंदी भाषा भी सीख रहे हैं। वह टीवी पर हिंदी फिल्म और सीरियल देखते हैं। इसके साथ ही भारत के लोगों से भी संपर्क में रहते हैं। सीमा पर सख्ती होने पर नदी से आते हैं।
बांग्लादेश के जिला बरौरहट का रहने वाला हालिम बायो मेडिकल वेस्ट उठाने का काम कर रहा था। उसे सिकंदरा स्थित एक हॉस्पिटल ने नौकरी पर खा था। उसे 18 हजार रुपये मिलते थे। रकम बैंक में ट्रांसफर होती थी। उसने कुछ साल पहले कैलाश मोड़ पर किराये पर कमरा लिया था। उसकी पत्नी मरियम कभी-कभी आती थी। वह भी पति के साथ पकड़ी गई थी। उसके पास भारत आने का वीजा और पासपोर्ट था। इस पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया था।
सोमवार को मरियम बेटी के साथ थाना सिकंदरा पहुंची। उन्होंने बताया कि उनकी शादी 2009 में हालिम से हुई थी। तीन बेटियां हैं। पति हालिम पर कर्ज हो गया था। वह काम की तलाश में भारत आ गए। पूर्व में उनके जिले के लोग आसानी से भारत में प्रवेश कर जाते थे। मगर, अब सख्ती हो गई है। दोनों देशों की सीमा पर लोहे के तार लगा दिए गए हैं। इनमें करंट भी दौड़ता है। इस कारण लोग नदी का रुख करते हैं। नाव से आते हैं।
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भारत में हिंदी बोली जाती है। इस कारण वो लोग टीवी पर हिंदी फिल्म और सीरियल देखते हैं। इससे हिंदी सीख जाते हैं। पहले से भी उनके गांव में कई लोग हिंदी जानते हैं। इस कारण सीखने में कोई परेशानी होती है। मरियम का वीजा अभी सितंबर तक का है। वह दो महीने पहले ही भारत आई थी। एक बेटी को साथ लाई है, जबकि दो को गांव में छोड़कर आई थी। उनका मोबाइल पुलिस ने ले लिया है। वह मोबाइल लेने के लिए परेशान थीं।
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बांग्लादेश के जिला बरौरहट का रहने वाला हालिम बायो मेडिकल वेस्ट उठाने का काम कर रहा था। उसे सिकंदरा स्थित एक हॉस्पिटल ने नौकरी पर खा था। उसे 18 हजार रुपये मिलते थे। रकम बैंक में ट्रांसफर होती थी। उसने कुछ साल पहले कैलाश मोड़ पर किराये पर कमरा लिया था। उसकी पत्नी मरियम कभी-कभी आती थी। वह भी पति के साथ पकड़ी गई थी। उसके पास भारत आने का वीजा और पासपोर्ट था। इस पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया था।
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सोमवार को मरियम बेटी के साथ थाना सिकंदरा पहुंची। उन्होंने बताया कि उनकी शादी 2009 में हालिम से हुई थी। तीन बेटियां हैं। पति हालिम पर कर्ज हो गया था। वह काम की तलाश में भारत आ गए। पूर्व में उनके जिले के लोग आसानी से भारत में प्रवेश कर जाते थे। मगर, अब सख्ती हो गई है। दोनों देशों की सीमा पर लोहे के तार लगा दिए गए हैं। इनमें करंट भी दौड़ता है। इस कारण लोग नदी का रुख करते हैं। नाव से आते हैं।
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भारत में हिंदी बोली जाती है। इस कारण वो लोग टीवी पर हिंदी फिल्म और सीरियल देखते हैं। इससे हिंदी सीख जाते हैं। पहले से भी उनके गांव में कई लोग हिंदी जानते हैं। इस कारण सीखने में कोई परेशानी होती है। मरियम का वीजा अभी सितंबर तक का है। वह दो महीने पहले ही भारत आई थी। एक बेटी को साथ लाई है, जबकि दो को गांव में छोड़कर आई थी। उनका मोबाइल पुलिस ने ले लिया है। वह मोबाइल लेने के लिए परेशान थीं।