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Agra News: पुराने नियम पर रोक, ग्रेडिंग सिस्टम से नियुक्त होंगे आर्यभट्ट
Tue, 15 Nov 2022 02:27 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 15 Nov 2022 02:27 PM IST
सार
विश्वविद्यालय में आर्यभट्ट शिक्षक सहायक व्यवस्था शुरू की गई थी। जिसके तहत शोध करने वाले भी पढ़ा सकेंगे। नए सत्र से आर्यभट्ट योजना में ग्रेडिंग लागू किया है।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने प्रभारी कुलपति रहे प्रो. विनय पाठक के आर्यभट्ट योजना वाले पुराने नियम पर रोक लगा दी है। अब ग्रेडिंग के आधार पर शोधार्थी आर्यभट्ट बन सकेंगे। सोमवार को जुबली हॉल में हुई बैठक में नई शिक्षा नीति के स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रम भी पास किए गए।
प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि नए सत्र से आर्यभट्ट योजना में ग्रेडिंग लागू किया है। इसमें शोध कार्य, एकेडमिक और प्रतिशतता समेत अन्य बिंदु पर अंक निर्धारित किए गए हैं। इनकी योग्यता के अनुसार अंक तय होंगे और उसका कुल योग कर मेरिट के तौर पर आर्यभट्ट नियुक्त हो सकेंगे। पूर्व में इनकी नियुक्ति की सामान्य प्रक्रिया अपनाई जा रही थी।
रिसर्च एडवाइजरी कमेटी की पीएचडी और विश्वविद्यालय के विजन पर भी सभी सदस्यों ने मुहर लगा दी। बैठक में कुलपति प्रो. आशु रानी, कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह, प्रो. वीके सारस्वत, प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्रो. यशपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि नए सत्र से आर्यभट्ट योजना में ग्रेडिंग लागू किया है। इसमें शोध कार्य, एकेडमिक और प्रतिशतता समेत अन्य बिंदु पर अंक निर्धारित किए गए हैं। इनकी योग्यता के अनुसार अंक तय होंगे और उसका कुल योग कर मेरिट के तौर पर आर्यभट्ट नियुक्त हो सकेंगे। पूर्व में इनकी नियुक्ति की सामान्य प्रक्रिया अपनाई जा रही थी।
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रिसर्च एडवाइजरी कमेटी की पीएचडी और विश्वविद्यालय के विजन पर भी सभी सदस्यों ने मुहर लगा दी। बैठक में कुलपति प्रो. आशु रानी, कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह, प्रो. वीके सारस्वत, प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्रो. यशपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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