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Mainpuri: जिला अस्पताल में आठ माह की बच्ची की मौत, चिकित्सकों के आगे गिड़गिड़ाता रहा पिता, नहीं मिला इलाज

Mon, 20 Jun 2022 02:03 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 20 Jun 2022 02:03 PM IST
सार

मासूम बच्ची को लेकर पिता जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा था, यहां  से उसे बाल रोग विशेषज्ञ के पास कक्ष संख्या पांच में भेज दिया गया, लेकिन वहां कोई भी मौजूद नहीं था। वह  फिर से बच्ची को लेकर इमरजेंसी आया, लेकिन बच्ची को भर्ती नहीं किया गया।

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Baby girl dies due to lack of treatment in district hospital Mainpuri
बाल रोग चिकित्सक के कक्ष का दरवाजा बंद और खाली पड़ी सीएमएस की कुर्सी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के गृह क्षेत्र मैनपुरी के जिला अस्पताल में उपचार न मिलने से आठ माह की बच्ची की मौत हो गई। परिजन बीमार बच्ची को लेकर पांच घंटे तक जिला अस्पताल में इमरजेंसी और बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष के चक्कर काटते रहे, लेकिन मासूम को उपचार नहीं मिला।  

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कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गाड़ीवान निवासी जगवीर सिंह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। जगवीर सिंह की आठ माह की पुत्री छाया पिछले दो दिनों से बीमार थी। उसे पेटदर्द के साथ दस्त हो रहे थे। सोमवार को हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर सुबह साढ़े सात बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। 
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बच्ची की हालत गंभीर थी, इसलिए जगवीर बच्ची को इमरजेंसी में ले गया। जगवीर के अनुसार यहां मौजूद डॉक्टर और स्टाफ ने बच्ची को उपचार न देते हुए पांच नंबर कक्ष बाल रोग विशेषज्ञ के पास दिखाने की बात कही। आरोप है कि स्टाफ ने उसे इमरजेंसी से बच्ची सहित बाहर निकाल दिया।

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दो घंटे किया इंतजार, नहीं आए डॉक्टर

जगवीर पत्नी के साथ बच्ची को लेकर पांच नंबर कक्ष में पहुंचा तो यहां बालरोग विशेषज्ञ नहीं थे। करीब दो घंटे तक जगवीर बच्ची को लेकर डॉक्टर का इंतजार करता रहा। इंतजार के बाद भी जब डॉक्टर नहीं आए तो वह एक बार फिर बच्ची को लेकर इमरजेंसी पहुंचा। 

इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर और स्टाफ ने फिर से बच्ची को उपचार नहीं दिया और बाल रोग विशेषज्ञ के पास सौ शैया अस्पताल में जाने को कहा। जब जगवीर सौ शैया अस्पताल पहुंचा तो यहां से बच्ची की गंभीर हालत देखते हुए फिर इमरजेंसी के लिए रेफर कर दिया गया। करीब साढ़े 12 बजे तक बच्ची को कोई उपचार नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई। 

इमरजेंसी के रिकॉर्ड में बच्ची को मृत दर्शाया 

बच्ची की मौत के बाद जिस इमरजेंसी में पहले बच्ची को देखा नहीं गया था, वहीं बच्ची को मृत दर्शाते हुए रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया। मामले में सीएमएस से जानकारी चाही गई तो वह अपने कक्ष में मौजूद नहीं मिले। स्टॉफ ने बताया गया कि सीएमएस अवकाश पर हैं। उनका फोन भी लगाया गया, कॉल रिसीव नहीं हुआ।
 
सीएमओ डॉ. पीपी सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है, सीएमएस जिला अस्पताल और सीएमएस सौ शैया अस्पताल दोनों को पत्र जारी किया जा रहा है। आखिर बच्ची को भर्ती कर उपचार क्यों नहीं दिया गया, जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी उसके विरुद्ध कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

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