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महंत की किससे रंजिश: बाबा चैतन्यनाथ की मौत हादसा नहीं हत्या...पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुला राज

Sat, 25 May 2024 09:12 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 25 May 2024 09:12 AM IST
सार

बाबा चैतन्यनाथ की हत्या सिर कुचलकर की गई थी। इसे स्वभाविक मौत मानते हुए शरीर को समाधि दे दी गई। लेकिन समाधि से शव निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि महंत की हत्या की गई है। 
 

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Baba Chaitanyath's death was not an accident but murder Secret revealed in the post mortem report
चैतन्यनाथका फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के छावनी में नाथ संप्रदाय के लाल समाधि आश्रम में मठाधीश योगी चैतन्यनाथ की मृत्यु स्वाभाविक नहीं थी। उनकी सिर पर भारी वस्तु से प्रहार करके हत्या की गई थी। परिजन के हत्या का अंदेशा जताने के बाद शव को समाधि से निकलवाकर पोस्टमार्टम करवाया गया था। अब पुलिस हत्या का मामला दर्ज करके छानबीन करेगी।
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नाथ संप्रदाय के बाबा बालकनाथ के शिष्य योगी चैतन्यनाथ 12 मई को टैंक चौराहे के पास बाबा लालनाथ के समाधि परिसर में लहृूलुहान अवस्था में मृत मिले थे। उनके सिर और शरीर पर पर चोटें थीं और कमरे में खून फैला हुआ था। मठ के अन्य संतों ने रात में किसी समय गिर जाने से मौत की आशंका जताकर शव को समाधि दे दी थी।
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चैतन्यनाथ के भाई मुन्ना मिश्रा घटना के वक्त अस्पताल में भर्ती थे। घटना की जानकारी होने पर चैतन्यनाथ की मां बच्ची देवी, भतीजे शिवम, अंकित और चाचा जयप्रकाश पहुंचे थे। समाधि दिए जाने के बाद उन्हें चैतन्यनाथ का मोबाइल, सोने के आभूषण और एटीएम कार्ड आदि सामान नहीं मिला था।

जानकारी करने पर मोबाइल की लोकेशन दिल्ली और प्रतापगढ़ में मिली। बैंक में जानकारी पर एटीएम से रुपये निकालने की बात पता चली। इस पर मुन्ना मिश्रा ने 14 मई को अपर पुलिस आयुक्त केशव चौधरी से मुलाकात कर बाबा की हत्या का आरोप लगाकर जांच की मांग की। केशव चौधरी ने एसीपी सदर को जांच करने के निर्देश दिए। तीन दिन पहले पुलिस ने मजिस्ट्रेट की निगरानी में समाधि से बाबा चैतन्यनाथ का शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाबा चैतन्यनाथ की हत्या सिर व शरीर पर चोटों के कारण होना पाया गया है। बाबा की हत्या करके आनन-फानन में शव को दफनाया गया था।

 

सात साल की उम्र में लिया था संन्यास
मुन्ना मिश्रा ने बताया कि महज सात साल की उम्र में चैतन्यनाथ दरियानाथ मंदिर में बाबा बालकनाथ के संपर्क में आए। इसके बाद उन्होंने संन्यास ले लिया था। लेकिन परिजन हमेशा संपर्क में रहे। बाबा बालकनाथ के गोलोकवास के बाद नाथ संप्रदाय के आगरा के 12 स्थानों की देखरेख का जिम्मा उनका ही था।

पांच साल पहले नासिक से लौटे थे
बाबा चैतन्यनाथ का परिवार आगरा में रहता है। उनका गुरु स्थान भी आगरा में है। परिजन ने बताया कि नासिक स्थित त्रियंबकेश्वर में बाबा ने आश्रम बनवाया था। वह बरसों से उसी आश्रम में रहते थे। पांच साल पहले आगरा लौटे थे। उनका गुरु स्थान होने के कारण आगरा से लगाव था। उस आश्रम में उनके काफी शिष्य रहते थे।
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