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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Ayodhya News On This Day for the First Time Ram Lalla Seated in Structure Controversy

Ram Mandir: आज ही के दिन पहली बार विवादित ढांचे में विराजे थे रामलला, घंटे-शंख ध्वनियों के बीच हुई थी पूजा

Sun, 22 Dec 2024 11:25 AM IST
शाहरुख खान संजीव जूरैल, अमर उजाला, आगरा
संजीव जूरैल, अमर उजाला, आगरा Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 22 Dec 2024 11:25 AM IST
सार

आज ही के दिन पहली बार रामलला विवादित ढांचे में विराजे थे। 23 दिसंबर 1949 को घंटे और शंख ध्वनियों के बीच पूजा शुरू हुई। तत्कालीन प्रशासन ने तीन पुजारियों को पूजा पाठ की अनुमति दी थी।

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Ayodhya News On This Day for the First Time Ram Lalla Seated in Structure Controversy
राम मंदिर अयोध्या। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सदियों तक चला अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद सुलझ चुका है और वहां भव्य मंदिर ने आकार ले लिया है, लेकिन आज के ही दिन विवादित बाबरी ढांचे में मंदिर के पुनरुद्धार का रूप देकर सबसे पहले पुरुषोत्तम भगवान राम की मूर्ति स्थापित की गई। 
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साथ ही घंटे-घड़ियाल और शंख ध्वनियों के बीच पूजा हुई। उस समय प्रशासन की ओर से मात्र तीन पुजारियों को ही वहां पूजा पाठ करने की अनुमति मिली। अमर उजाला के 30 दिसंबर, 1949 के अंक में प्रकाशित खबर के अनुसार, 22 व 23 दिसंबर की मध्यरात्रि को कुछ पुजारियों और लोगों ने अयोध्या में विवादित बाबरी ढांचे में मंदिर के पुनरुद्धार का रूप देकर भगवान राम की मूर्ति स्थापित की थी।
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घंटे और शंख की ध्वनि के बीच पूजा आरती शुरू कर दी। वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा था। जैसे ही खबर प्रशासन को मिली तो अगली सुबह फैजाबाद के तत्कालीन जिलाधीश और पुलिस अधिकारी दल बल के साथ घटनास्थल पहुंच गए। 
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मूर्ति तो उस समय नहीं हटाई गई, लेकिन पुजारियों को वहां से निकाल दिया। चारों तरफ हथियार बंद पुलिस का पहरा लगा दिया। पूजा पाठ बंद होने से राम भक्ति आंदोलन पर उतारू हो गए। हालात खराब होने की आशंका देख फैजाबाद के तत्कालीन जिलाधीश ने पूरे प्रकरण की जानकारी प्रांतीय सरकार को तार के माध्यम से दी। 

उस समय संयुक्त प्रांत के प्रधानमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत के चीफ सेक्रेटरी ने जिला प्रशासन को आदेश दिया कि सिर्फ तीन पुजारियों को पूजा करने दी जाए। इसके अलावा अन्य किसी को प्रवेश न करने दिया जाए जिससे कि शांति व्यवस्था खराब हो।

मूर्ति स्थापना के बाद अयोध्या पहुंचे गोविंद बल्लभ पंत
रामलला की मूर्ति स्थापना के समय संयुक्त प्रांत (वर्तमान में उत्तर प्रदेश) के तत्कालीन प्रधानमंत्री गोविंद बल्लभ पंत थे। जिन्होंने अपनी सूझबूझ और प्रशासनिक क्षमता से फैजाबाद में शांति कायम रखी। मूर्ति स्थापना के अगले दिन अयोध्या पहुंच गए और वहां के हालात की जानकारी ली।  
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