बेटी को अधिकार दो, बेटों जैसा प्यार दो: आगरा में उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल से निकली जागरूकता रैली
जागरूकता रैली में बैनर-पोस्टर के जरिए 20 से अधिक संगठन शामिल हुए। स्लोगन के जरिए लोगों को बेटा-बेटी में भेदभाव न करने का संदेश दिया गया।
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बेटियों को बेटों की तरह अधिकार दो, बेटों की तरह ही उनको अवसर दो, तभी असल मायने में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान सार्थक होगा। आगरा में यह संदेश देने के लिए उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल से रविवार को ‘बेटा समझाओ, बेटी बचाओ’ जागरूकता रैली निकाली गई।
रैली से दिया यह संदेश
बैनर-पोस्टर के जरिए 20 से अधिक संगठन इसमें शामिल हुए। बेटी को अधिकार दो, बेटों जैसा प्यार दो..., बदलो अपनी सोच, बेटी नहीं बोझ...,बेटी बढ़ेगी देश बढ़ेगा..., हर घर से आवाज उठेगी, बेटियां भी आगे बढ़ेंगी...। स्लोगन के जरिए लोगों को बेटा-बेटी में भेदभाव न करने का संदेश दिया गया।
जागरूकता रैली गुरुद्वारा गुरु का ताल पर संपन्न हुई। रैली संयोजक डॉ. जयदीप मल्होत्रा और डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि बेटियां ही जिंदगी हैं, इनकी बेटों की तरह ही देखभाल करें और अवसर दें तो ये भी परिवार का नाम रोशन करेंगी।
डॉ. मनप्रीत शर्मा, डॉ. सरिता दीक्षित ने बेटियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। इससे पहले रैली को संत बाबा प्रीतम सिंह और डॉ. प्रीति गुप्ता ने हरी झंडी दिखाई। अशु मित्तल, आशु जैन, विनीत खेड़ा, सुनील जैन, डॉ. गंगवीर आर्या, डॉ. मोहम्मद आहद, हिमांशु सचदेवा, राकेश आहूजा, सुदीप पुरी, लवकेश गौतम, केशवेंद्र सिसौदिया, रवि अग्रवाल का योगदान रहा।
सर्वश्रेष्ठ स्लोगन और पेंटिंग पर बेटियां पुरस्कृत
रैली के बाद सर्वश्रेष्ठ स्लोगन और पेंटिंग पर बेटियों को पुरस्कृत भी किया गया। पूजा तिवारी और संगीता ने बेहतर पेंटिंग बनाई। स्लोगन में निर्मल, खुशी, बबली, खुशी वर्मा, महिमा, तान्या, प्रिया, परी, कृष्णा, कुमकुम, गार्गी, डिंपल, रावी भंडारी, अनन्या कुमारी, ईशा, कुलदीप, खुशी कुमारी और अनमोल ने बाजी मारी। शिक्षिका तनु ने कविता सुनाई। इनको डॉ. निहारिका मल्होत्रा ने पुरस्कृत किया।