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मथुरा से चुनाव हारकर भी ब्रजवासियों का दिल जीत लिया था अटल जी ने
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:25 AM IST
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय राजनीति के युग पुरुष कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का मथुरा से पुराना और नजदीकी नाता है। वो मथुरा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
देश की आजादी के बाद 1957 में हुए दूसरे आम चुनाव में अटली जी ने मथुरा से पर्चा दाखिल किया था। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राजा महेंद्र प्रताप सिंह तथा कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में दिगंबर सिंह चुनाव मैदान में थे।
बलरामपुर के साथ मथुरा से भी अटल बिहारी वाजपेयी ने जनसंघ से नामांकन दिया था। इस चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह के लिए वोट देने की भी अपील की थी।
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देश की आजादी के बाद 1957 में हुए दूसरे आम चुनाव में अटली जी ने मथुरा से पर्चा दाखिल किया था। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राजा महेंद्र प्रताप सिंह तथा कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में दिगंबर सिंह चुनाव मैदान में थे।
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बलरामपुर के साथ मथुरा से भी अटल बिहारी वाजपेयी ने जनसंघ से नामांकन दिया था। इस चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह के लिए वोट देने की भी अपील की थी।
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उनका कहना था कि देश की आजादी के लिए जो योगदान राजा साहब का रहा है, उनके सम्मान के लिए वोट उन्हीं को दीजिए। इस चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी की जमानत भी नहीं बचा सके थे।
भाजपा प्रत्याशी को दी थी नसीहत
2004 में लोकसभा चुनाव के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी भाजपा प्रत्याशी तत्कालीन सांसद चौधरी तेजवीर सिंह के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा दौरान दोहरायी गई गांव की कहावत आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई थीं।
उन्होंने पार्टी प्रत्याशी से मंच पर जनता के समक्ष पूछा था कि तेजवीर किससे है मुकाबला। तो जवाब मिला किसी से नहीं। इस पर अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था भ्रम में मत रहो तेजवीर, कहावत सुनी सुनी होगी मल्लन कूं मल्ल घनेरे, घर नाए तो बाहर बहुतेरे।
अटल बिहारी वाजपेयी की यह कहावत आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई थी। हालांकि इस चुनाव में मथुरा से भाजपा प्रत्याशी तेजवीर सिंह को हार का सामना करना पड़ा था।
भाजपा प्रत्याशी को दी थी नसीहत
2004 में लोकसभा चुनाव के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी भाजपा प्रत्याशी तत्कालीन सांसद चौधरी तेजवीर सिंह के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा दौरान दोहरायी गई गांव की कहावत आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई थीं।
उन्होंने पार्टी प्रत्याशी से मंच पर जनता के समक्ष पूछा था कि तेजवीर किससे है मुकाबला। तो जवाब मिला किसी से नहीं। इस पर अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था भ्रम में मत रहो तेजवीर, कहावत सुनी सुनी होगी मल्लन कूं मल्ल घनेरे, घर नाए तो बाहर बहुतेरे।
अटल बिहारी वाजपेयी की यह कहावत आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई थी। हालांकि इस चुनाव में मथुरा से भाजपा प्रत्याशी तेजवीर सिंह को हार का सामना करना पड़ा था।