मकर राशि में बनेगी षड्ग्रही युति, ज्योतिषाचार्य बोले- देश-दुनिया के लिए अशुभ संकेत
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मकर राशि शनि देव की राशि है। 24 जनवरी से न्याय के देवता शनि खुद इस राशि में गोचर कर रहे हैं। 20 नवंबर को देवराज इसमें शामिल हुए। शनि व गुरु की युति बनी। चार दिसंबर को बुध ने प्रवेश किया। 14 जनवरी को भगवान भास्कर (सूर्य )का प्रवेश हुआ। 27 जनवरी बुधवार को शुक्र के इसमें प्रवेश से शनि की मकर राशि में पंचग्रही युति निर्मित हुई। आगे 9 फरवरी 2021 के रात्रि 8 बजकर 30 मिनट पर चंद्रमा भी इसमें शामिल होंगे, जो षडग्रही (गोल योग) युति बनाएंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित के अनुसार यह अशुभ योग देश-दुनिया के लिए अनिष्टकारी होगा।
इस युति के परिणाम क्या होंगे
ज्योतिषाचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि मकर राशि में चतुर्ग्रही, पंचग्रही व छह ग्रहों के परिणामों की यदि हम ज्योतिषीय दृष्टि से चर्चा करें तो इसके देश-दुनिया में अप्रत्याशित परिणाम देखने को मिलेंगे। 14 जनवरी से 31 जनवरी तक चतुर्ग्रही युति रहेगी। 4 फरवरी से 8 फरवरी तक पंचग्रही युति रहेगी, आगे 9 फरवरी को चंद्रमा के शामिल होने के साथ ही 9 से 11 फरवरी तक छह ग्रहों की युति रहेगी। यह समय अति संकट और संघर्ष का रहेगा। यह युति प्राकृतिक आपदा, राजनीतिक उठापटक, खरीद-फरोख्त, सत्ता तंत्र में उथल पुथल, हिंसा, उपद्रव, मंहगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाली होगी। पंचांगों के अनुसार यह युति अनेकानेक अप्रत्याशित घटनाओं को जन्म देगी।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि दिसंबर 2019 में भी पंचग्रही योग बना था तब से आज तक देश-दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण का संकट झेल रही है। देश में ही लाखों लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं। कई लोग अपनी जान गवा चुके हैं। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि एक राशि में जब एक से अधिक ग्रह एकत्रित होते हैं उसे ज्योतिष की भाषा में युति कहा जाता है। इसी प्रकार मकर में जब छह ग्रह एकत्रित होंगे वह छह ग्रहों की युति कहलाएगी। ज्योतिषाचार्य इसे अशुभ बताते हैं।