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कार्रवाई: आगरा में तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित, ये थी बड़ी वजह
Tue, 26 Oct 2021 12:02 AM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 26 Oct 2021 12:02 AM IST
सार
औषधि विभाग ने राजपुर चुंगी के उमेश जी मेडिकल स्टोर में डेढ़ महीने पहले छापा मारा। संचालक ने दवाओं की खरीद-बिक्री के जो बिल दिखाए उनमें असमानता थी। सात दिन के लिए इसका लाइसेंस निलंबित कर बाकी के बिल मांगे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
आगरा में औषधि विभाग ने दवाओं की बिक्री-खरीद में गड़बड़ी पर तीन मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई की। इनमें रामअवतार मेडिकल स्टोर का टिंचर की बिक्री का लाइसेंस निरस्त कर दिया। अन्य दवाओं के बिल में गड़बड़ी पर 7 से 10 दिन के लिए लाइसेंस निलंबित कर नोटिस दिया है। वहीं उमेश जी मेडिकल स्टोर का सात दिन, द्वारिकाधीश मेडिकल स्टोर का 10 दिन के लिए लाइसेंस निलंबित कर दिया।
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सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि डेढ़ महीने पहले लोहामंडी स्थित रामअवतार मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था। यहां टिंचर (सुरायुक्त औषधि) की 70 बोतलें मिली थीं। इसने 49 बोतलों का ही रिकार्ड दिखाया। बिक्री के जो बिल दिखाएं उनका टिंचर के बैच नंबर से मिलान नहीं हुआ। एक दिन में एक-एक व्यक्ति को छह-छह टिंचर की शीशी बेंची। चिकित्सक का पर्चा समेत अन्य कोई रिकार्ड नहीं दिखाए। इस पर टिंचर की बिक्री, भंडारण का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। अन्य दवाओं के सात दिन में बिल मांगे हैं, तब तक किसी भी तरह की दवाओं के बिक्री का लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
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दवाओं की खरीद कम, भंडारण अधिक मिला
सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि द्वारिकाधीश मेडिकल स्टोर मुबारक महल फव्वारा में 13 अगस्त को छापा मारकर दवाओं के खरीद-बिक्री के बिल मांगे थे। इसने 18 अगस्त को पांच दवाओं के बिल दिखाएं। इसके यहां दवाओं की खरीद के मुकाबले भंडारण अधिक पाया गया। दवाएं किसे बेची, इसका भी कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया। इसका लाइसेंस 10 दिन के लिए निलंबित करते बाकी के बिल उपलब्ध कराने के लिए नोटिस दिया है। राजपुर चुंगी के उमेश जी मेडिकल स्टोर में डेढ़ महीने पहले छापा मारा। संचालक ने दवाओं की खरीद-बिक्री के जो बिल दिखाए उनमें असमानता थी। सात दिन के लिए इसका लाइसेंस निलंबित कर बाकी के बिल मांगे हैं।
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