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मानसून आने का संदेश लेकर पहुंचे एशियन ओपन बिल स्टॉर्क
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मानसून आगमन का संदेश लेकर चंबल पहुंचे एशियन ओपन बिल स्टार्क, और जुडी हुई खबरें,
- फोटो : Agra Dehat
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बाह। मानसून आने का संदेश लेकर एशियन ओपन बिल स्टॉर्क के झुंड ने चंबल में दस्तक दे दी है। इससे ग्रामीण भी अच्छी बारिश की संभावना से उत्साहित हैं। वहीं वन विभाग इनकी निगरानी के लिए सतर्क हो गया है।
बाह के रेंजर आरके सिंह राठौर ने बताया कि इनकी चोंच के मध्य खाली स्थान होने की वजह से इन्हें ओपन बिल नाम मिला है। इनके पंख सफेद व काले रंग के और पैर लाल रंग के होते हैं। जो प्रजनन काल में चमकीले हो जाते है और टांगे गुलाबी रंग की हो जाती है। ये भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल, कंबोडिया, म्यांमार में पाए जाते हैं। बताया कि इन पक्षियों ने पत्तियों, घास, टहनियों से बरगद, पीपल, बबूल के पेड़ की शाखाओं पर घोंसले बनाना शुरू कर दिए हैं।
इनकी ऊंचाई करीब 80 सेमी तथा लंबाई 65 सेमी होती है। वजन 1-8 किग्रा होता है। जून से सितंबर तक प्रजनन काल होता है। मादा 2-5 अंडे देती हैं। नर मादा दोनों करीब 30 दिन अंडे सेते है। करीब 35 दिन में बच्चे निकलते है और 60 दिन में उड़ने लगते हैं। चंबल कछार के ग्रामीण जयवीर सिंह, राकेश यादव, नेत्रपाल वर्मा, बबलू भदौरिया आदि ने बताया कि हर साल मानसून आने से पहले ओपन बिल स्टॉर्क पक्षी चंबल में डेरा जमाते हैं।
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वनकर्मियों के मुताबिक नर पक्षी घोंसले के लिए सामान इकट्ठे करते हैं। मादा घोंसला बनाती हैं। घोंसले के लिए पानी के आसपास के पेड़ों को चुनते हैं। रेंजर ने बताया कि ओपन बिल स्टॉर्क को प्रेम और समर्पण का प्रतीक भी माना जाता है। नर-मादा जोड़ा बनाने के बाद जीवन भर साथ रहते हैं।
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बाह के रेंजर आरके सिंह राठौर ने बताया कि इनकी चोंच के मध्य खाली स्थान होने की वजह से इन्हें ओपन बिल नाम मिला है। इनके पंख सफेद व काले रंग के और पैर लाल रंग के होते हैं। जो प्रजनन काल में चमकीले हो जाते है और टांगे गुलाबी रंग की हो जाती है। ये भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल, कंबोडिया, म्यांमार में पाए जाते हैं। बताया कि इन पक्षियों ने पत्तियों, घास, टहनियों से बरगद, पीपल, बबूल के पेड़ की शाखाओं पर घोंसले बनाना शुरू कर दिए हैं।
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इनकी ऊंचाई करीब 80 सेमी तथा लंबाई 65 सेमी होती है। वजन 1-8 किग्रा होता है। जून से सितंबर तक प्रजनन काल होता है। मादा 2-5 अंडे देती हैं। नर मादा दोनों करीब 30 दिन अंडे सेते है। करीब 35 दिन में बच्चे निकलते है और 60 दिन में उड़ने लगते हैं। चंबल कछार के ग्रामीण जयवीर सिंह, राकेश यादव, नेत्रपाल वर्मा, बबलू भदौरिया आदि ने बताया कि हर साल मानसून आने से पहले ओपन बिल स्टॉर्क पक्षी चंबल में डेरा जमाते हैं।
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वनकर्मियों के मुताबिक नर पक्षी घोंसले के लिए सामान इकट्ठे करते हैं। मादा घोंसला बनाती हैं। घोंसले के लिए पानी के आसपास के पेड़ों को चुनते हैं। रेंजर ने बताया कि ओपन बिल स्टॉर्क को प्रेम और समर्पण का प्रतीक भी माना जाता है। नर-मादा जोड़ा बनाने के बाद जीवन भर साथ रहते हैं।