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सर्वे छोड़कर आशा बहुओं ने निकाला जुलूस, सीएमओ दफ्तर घेरा, मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन
Mon, 05 Oct 2020 04:27 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 05 Oct 2020 04:27 PM IST
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सीएमओ कार्यालय में आशा कार्यकर्ताएं
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में लंबित मानदेय भुगतान और विभाग में भ्रष्टाचार के विरोध में सोमवार को सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने कोरोन काल में डोर टू डोर सर्वे छोड़ पैदल मार्च निकाला। हलवाई बगीची स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय घेराव करते हुए चार घंटे तक जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
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उत्तर प्रदेश आशा बहू संघ के नेतृत्व में सोमवार सुबह 10 बजे शहर और ग्रमीण क्षेत्र से 15 ब्लॉक की 350 से अधिक आशा कार्यकर्ताएं गुरुद्वारा गुरु का ताल पर एकत्र हुईं। यहां से हलवाई बगीची रोड होते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय तक पैदल मार्च किया। सीएमओ कार्यालय का गेट बंदकर धरना प्रदर्शन करते हुए जमकर हंगामा किया।
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संघ की जिला अध्यक्ष पप्पी धनगर और जिला मंत्री सुनीत दुबे ने बताया कि कोरोना काल में आशाएं छह माह से डोर टू डोर सर्वे कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के अलावा प्रसूताओं के प्रसव, टीकाकरण एवं नसबंदी कार्य करती हैं, लेकिन फिर भी हमारा उत्पीड़न हो रहा है।
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'पिछले छह माह से नहीं मिला मानदेय'
उन्होंने कहा कि अप्रैल माह से पिछले छह माह का मानदेय और प्रोत्साहन राशि का विभाग ने भुगतान नहीं किया। स्वास्थ्य विभाग हमें रीढ़ की हड्डी कहता है लेकिन आशा बहुओं का विभाग में सबसे ज्यादा शोषण हो रहा है। भुगतान के नाम पर एमओआईसी और नोडल अधिकारी भ्रष्टाचार करते हैं। बिना लेनदेन कोई काम नहीं होता।
दोपहर एक बजे तक आंदोलित आशाओं का कोई ज्ञापन लेने नहीं आने पर वे उग्र हो गईं। कार्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर सीएमओ चेंबर के बाहर धरना सभा की। कई आशाएं भूख प्यास के कारण बेहोश होकर गिर पड़ी।
दोपहर ढाई बजे बजे नौ सूत्रीय ज्ञापन एसीएमओ को सौंपा गया। आशाओं ने 15 दिन में लंबित भुगतान नहीं होने पर जिले में सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार और आंदोलन की चेतावनी दी है। विरोध प्रदर्शन में जिला मंत्री राखी, यशोदा, राधा, रिंकी, रजनी सिंह, लज्जावती, बिरमा देवी, समेत कई महिलाएं मौजद रहीं।
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दोपहर एक बजे तक आंदोलित आशाओं का कोई ज्ञापन लेने नहीं आने पर वे उग्र हो गईं। कार्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर सीएमओ चेंबर के बाहर धरना सभा की। कई आशाएं भूख प्यास के कारण बेहोश होकर गिर पड़ी।
दोपहर ढाई बजे बजे नौ सूत्रीय ज्ञापन एसीएमओ को सौंपा गया। आशाओं ने 15 दिन में लंबित भुगतान नहीं होने पर जिले में सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार और आंदोलन की चेतावनी दी है। विरोध प्रदर्शन में जिला मंत्री राखी, यशोदा, राधा, रिंकी, रजनी सिंह, लज्जावती, बिरमा देवी, समेत कई महिलाएं मौजद रहीं।
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