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Agra News: सड़क के नीचे राख-मलबा, पाइलिंग का काम रोका
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पाइलिंग रिंग मशीन
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आगरा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने प्रतापपुरा चौराहा पर पाइलिंग रिंग मशीन गिरने के मामले की जांच शुरू कर दी है। टीम की प्रारंभिक जांच में सड़क के नीचे राख और मलबा निकला है। इससे जमीन धंस गई और मशीन इमारत पर गिर पड़ी। अभी पाइलिंग का कार्य रोक दिया गया है। हादसे की जांच के लिए हाईपावर कमेटी भी बनाई गई है।
यूपीएमआरसी के परियोजना निदेशक अरविंद राय ने बताया कि शनिवार को पाइलिंग मशीन गिरने के बाद विशेष टीम ने मौके का निरीक्षण किया। इसमें गहराई तक खुदाई में राख और मलबा भरा हुआ है। इससे जमीन धंसने से मशीन का संतुलन गड़बड़ाने से गिर गई। ऐसी स्थिति में पाइलिंग का कार्य नहीं हो सकता है। इसके चलते अभी कार्य रोक दिया है।
सर्वे कर इसका निदान निकालने के बाद पाइलिंग का कार्य शुरू कराया जाएगा। हादसे की जांच के लिए छह सदस्यीय हाईपावर कमेटी भी बनाई है। ये हादसे की वजह की विस्तारपूर्वक रिपोर्ट बनाएगी। आगे की पाइलिंग के लिए क्या इंतजाम किए जाएं, इसके बारे में भी रिपोर्ट देगी।
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पाइलिंग साइट का सुरक्षा ऑडिट होगा
हादसे को गंभीरता से लेते हुए यूपीएमआरसी पाइलिंग साइट का सुरक्षा ऑडिट कराएगा। इसके लिए टीम बना दी गई है। यूपीएमआरसी के परियोजना निदेशक ने बताया कि दूसरे कॉरिडोर में 14 पाइलिंग मशीन हैं, जो पिलर के लिए गहराई तक खुदाई करती हैं। सभी का सुरक्षा ऑडिट करा रहे हैं। इसमें देखा जाएगा कि जिस स्थान पर मशीन स्थापित है, उसका आधार कमजोर तो नहीं है। कहीं ऐसी स्थिति बनने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
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नुकसान की होगी भरपाई
प्रतापपुरा निवासी प्रभुकांत नागर के मकान पर पाइलिंग मशीन गिरी थी। उन्होंने बताया कि ऊपर बना एक कमरा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। दूसरे कमरे और बाथरूम की दीवारों में दरार आ गई है। बाहर के हिस्से में बनी मॉडल शॉप की दुकान का प्लास्टर टूट गया है। मॉडल शॉप संचालक बंटी जादौन ने बताया कि दुकान का एलईडी बोर्ड भी टूट गया है। इसको अभी तक बनवाया नहीं है। यूपीएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि टीम नुकसान का सर्वे कराते हुए मरम्मत कराएगी।
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कलेक्ट्रेट से हटाई बैरिकेडिंग, वैकल्पिक मार्ग भी बनाया
मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बन रहा है। इसमें पिलर बनने के बाद चरणबद्ध बैरिकेडिंग हटाई जा रही है। इसमें माल रोड, प्रतापपुरा, साईं की तकिया, कलेक्ट्रेट, आगरा कॉलेज समेत कई जगह से बैरिकेडिंग हटा दी है। कलेक्ट्रेट पर रास्ता चौड़ा किया जा रहा है।
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यूपीएमआरसी के परियोजना निदेशक अरविंद राय ने बताया कि शनिवार को पाइलिंग मशीन गिरने के बाद विशेष टीम ने मौके का निरीक्षण किया। इसमें गहराई तक खुदाई में राख और मलबा भरा हुआ है। इससे जमीन धंसने से मशीन का संतुलन गड़बड़ाने से गिर गई। ऐसी स्थिति में पाइलिंग का कार्य नहीं हो सकता है। इसके चलते अभी कार्य रोक दिया है।
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सर्वे कर इसका निदान निकालने के बाद पाइलिंग का कार्य शुरू कराया जाएगा। हादसे की जांच के लिए छह सदस्यीय हाईपावर कमेटी भी बनाई है। ये हादसे की वजह की विस्तारपूर्वक रिपोर्ट बनाएगी। आगे की पाइलिंग के लिए क्या इंतजाम किए जाएं, इसके बारे में भी रिपोर्ट देगी।
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पाइलिंग साइट का सुरक्षा ऑडिट होगा
हादसे को गंभीरता से लेते हुए यूपीएमआरसी पाइलिंग साइट का सुरक्षा ऑडिट कराएगा। इसके लिए टीम बना दी गई है। यूपीएमआरसी के परियोजना निदेशक ने बताया कि दूसरे कॉरिडोर में 14 पाइलिंग मशीन हैं, जो पिलर के लिए गहराई तक खुदाई करती हैं। सभी का सुरक्षा ऑडिट करा रहे हैं। इसमें देखा जाएगा कि जिस स्थान पर मशीन स्थापित है, उसका आधार कमजोर तो नहीं है। कहीं ऐसी स्थिति बनने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
नुकसान की होगी भरपाई
प्रतापपुरा निवासी प्रभुकांत नागर के मकान पर पाइलिंग मशीन गिरी थी। उन्होंने बताया कि ऊपर बना एक कमरा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। दूसरे कमरे और बाथरूम की दीवारों में दरार आ गई है। बाहर के हिस्से में बनी मॉडल शॉप की दुकान का प्लास्टर टूट गया है। मॉडल शॉप संचालक बंटी जादौन ने बताया कि दुकान का एलईडी बोर्ड भी टूट गया है। इसको अभी तक बनवाया नहीं है। यूपीएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि टीम नुकसान का सर्वे कराते हुए मरम्मत कराएगी।
कलेक्ट्रेट से हटाई बैरिकेडिंग, वैकल्पिक मार्ग भी बनाया
मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बन रहा है। इसमें पिलर बनने के बाद चरणबद्ध बैरिकेडिंग हटाई जा रही है। इसमें माल रोड, प्रतापपुरा, साईं की तकिया, कलेक्ट्रेट, आगरा कॉलेज समेत कई जगह से बैरिकेडिंग हटा दी है। कलेक्ट्रेट पर रास्ता चौड़ा किया जा रहा है।