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अपराजिता: पति और दो बेटों की मौत, दुकान संभाल रहीं लता, कोरोना ने छीन लीं थी खुशियां
Wed, 26 May 2021 01:11 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 26 May 2021 01:11 PM IST
सार
ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण बड़े बेटे अभिषेक की 22 अप्रैल को मौत हो गई। दो मई को पति अरुण कुमार गर्ग भी छोड़कर चले गए।
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अपराजिता: मेडिकल स्टोर पर लता गर्ग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना संक्रमण से दो बेटों और पति की मौत से टूट चुकी सूर्या अर्पाटमेंट में रहने वाली लता गर्ग इन दिनों दवा का कारोबार खुद संभाल रही हैं। भगवान टॉकीज पर गर्ग केमिस्ट के नाम से संचालित होने वाली दुकान पर डेढ़ महीने पहले तक उनके पति अरुण गर्ग और बड़े बेटे अभिषेक बैठते थे, उस गद्दी को आज लता संभाल रही हैं। लता बताती हैं कि ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण बड़े बेटे अभिषेक की 22 अप्रैल को मौत हो गई। मुंबई में एक कंपनी में मैनेजर मेरा छोटा बेटा अनुभव आया हुआ था।
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अचानक उसकी तबियत बिगड़ना शुरू हो गई। 30 अप्रैल को ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की। इसके बाद जैसे ही हम उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, तो वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। दो मई को मेरे पति अरुण कुमार गर्ग भी मुझे छोड़कर चले गए। मैं अकेली इन दिनों दुकान संभाल रही हूं। अनुभव का सात साल का बेटा अवयुक्त और अभिषेक का 15 साल का बेटा माधव गर्ग अपने पापा की याद करके रोने लगते हैं। दोनों मां अपने बच्चों को सीने से लिपटा लेती हैं। इसके बाद बच्चों की दादी दोनों बहू और बच्चों को संभालती हैं।
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दुख की घड़ी में साथ रहे रहे अपार्टमेंट के लोग
सूर्या अर्पाटमेंट के लोगों ने दुख की इस घड़ी में परिवार का साथ नहीं छोड़ा। अर्पाटमेंट में रहने वाले जयंती प्रसाद अग्रवाल के साथ ही अन्य लोगों ने हरसंभव मदद की। जयंती प्रसाद अग्रवाल कहते हैं कि इस अपार दुख की घड़ी में ऑक्सीजन की व्यवस्था से लेकर वैन आदि के लिए अपार्टमेंट के लोगों से जितना हो सका, उतना किया। पूरे अपार्टमेंट को यह लगता है जैसे हमने अपने परिवार के ही तीन सदस्य खो दिए हों।
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