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बालक की मौत पर कोर्ट में प्रार्थना पत्र
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आगरा। महावीर नाले में डूबकर 17 जुलाई को 12 साल के गजेंद्र की मौत हो गई थी। बेटे की मौत के लिए पिता खेमचंद ने नगरायुक्त और अधिशाषी अभियंता को जिम्मेदार ठहराया है। दोनों पर लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। सीजेएम ने मामले में एसएसपी से जांच कराकर 22 नवंबर तक आख्या प्रस्तुत करने के आदेश किए हैं।
प्रार्थना पत्र में टीला राम सिंह, कोतवाली निवासी खेमचंद ने कहा कि बेटा गजेंद्र 17 जुलाई को महावीर नाले की पुलिया पर खेल रहा था। अचानक पैर फिसलने के कारण नाले में गिर गया। सूचना पर वो पहुंच गए। गजेंद्र को बाहर निकाला। इसके बाद अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
खेमचंद का आरोप है कि जहां बेटा गिरा था, वहां नाले की दीवार बहुत कम ऊंची है। दीवार कई जगह से टूटी हुई है। कई बार क्षेत्रीय नागरिकों ने शिकायत की। इसके बावजूद उक्त अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण बेटे की असमय मौत हो गई। प्रार्थना पत्र पर सीजेएम ने एसएसपी को एसपी स्तर के अधिकारी से जांच कराकर आख्या 22 नवंबर तक प्रस्तुत करने के आदेश किए हैं।
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प्रार्थना पत्र में टीला राम सिंह, कोतवाली निवासी खेमचंद ने कहा कि बेटा गजेंद्र 17 जुलाई को महावीर नाले की पुलिया पर खेल रहा था। अचानक पैर फिसलने के कारण नाले में गिर गया। सूचना पर वो पहुंच गए। गजेंद्र को बाहर निकाला। इसके बाद अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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खेमचंद का आरोप है कि जहां बेटा गिरा था, वहां नाले की दीवार बहुत कम ऊंची है। दीवार कई जगह से टूटी हुई है। कई बार क्षेत्रीय नागरिकों ने शिकायत की। इसके बावजूद उक्त अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण बेटे की असमय मौत हो गई। प्रार्थना पत्र पर सीजेएम ने एसएसपी को एसपी स्तर के अधिकारी से जांच कराकर आख्या 22 नवंबर तक प्रस्तुत करने के आदेश किए हैं।
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