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नशे के इंजेक्शन का काला कारोबार: हरियाणा स्टेट एंटी नारकोटिक्स का छलेसर में छापा, डोज की मात्रा देख टीम हैरान
Wed, 13 Nov 2024 10:14 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 13 Nov 2024 10:14 AM IST
सार
आगरा के छलेसर स्थित गोदाम पर हरियाणा स्टेट एंटी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने छापा मारा। यहां से 36 पेटी एविल और 1500 डुपरेनारफिन इंजेक्शन बरामद किए गए। ये इंजेक्शन नशे के लिए प्रयोग होता है।
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प्रतिबंधित इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अवैध तरीके से एविल और प्रतिबंधित डुपरेनारफिन इंजेक्शन की खेप आगरा से हरियाणा पहुंचाई जा रही थी। दोनों इंजेक्शन को मिलाकर नशे में प्रयोग किया जा रहा था। हरियाणा स्टेट एंटी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने ट्रांस यमुना इलाके में दबिश देकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। छलेसर स्थित गोदाम पर छापा मारकर 36 पेटी एविल इंजेक्शन और 1500 प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए। आरोपी को मंगलवार की सुबह टीम अपने साथ ले गई। यह कोई पहला मामला नहीं है, जब दूसरे प्रदेश की पुलिस टीम ने दवाओं के अवैध कारोबार में किसी को गिरफ्तार किया है।
8 नवंबर को हरियाणा एंटी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने झज्जर जिले में साहिल राठी और सुमित को एविल और प्रतिबंधित डुपरेनारफिन इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों ने पूछताछ में बताया कि एविल और प्रतिबंधित इंजेक्शन फिरोजाबाद के दिनेश से लेकर आते थे। इसके बाद आपूर्ति करते हैं। उन्होंने इंजेक्शन की सप्लाई करने वाले अन्य लोगों के भी नाम बताए। इस पर टीम ने 9 नवंबर को दिनेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि नगला रामबल, ट्रांस यमुना का गौरव गुप्ता इंजेक्शन देता है। वह इनको साहिल राठी और सुमित उर्फ चिंटू के पास लेकर जाता था। हरियाणा एंटी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 10 नवंबर को नगला रामबल में छापा मारकर गौरव गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
थाना ट्रांस यमुना के प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, मुकदमे के विवेचक सहायक उप निरीक्षक बलिंदर सिंह अपनी टीम के साथ आगरा आए थे। उन्होंने जानकारी दी कि गाैरव गुप्ता बिना लाइसेंस के अवैध तरीके से एविल और डुपरेनारफिन इंजेक्शन हरियाणा में दिनेश व अन्य के माध्यम से भेज रहा था। छलेसर में उसने गोदाम बनाया था।
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8 नवंबर को हरियाणा एंटी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने झज्जर जिले में साहिल राठी और सुमित को एविल और प्रतिबंधित डुपरेनारफिन इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों ने पूछताछ में बताया कि एविल और प्रतिबंधित इंजेक्शन फिरोजाबाद के दिनेश से लेकर आते थे। इसके बाद आपूर्ति करते हैं। उन्होंने इंजेक्शन की सप्लाई करने वाले अन्य लोगों के भी नाम बताए। इस पर टीम ने 9 नवंबर को दिनेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि नगला रामबल, ट्रांस यमुना का गौरव गुप्ता इंजेक्शन देता है। वह इनको साहिल राठी और सुमित उर्फ चिंटू के पास लेकर जाता था। हरियाणा एंटी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 10 नवंबर को नगला रामबल में छापा मारकर गौरव गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
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थाना ट्रांस यमुना के प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, मुकदमे के विवेचक सहायक उप निरीक्षक बलिंदर सिंह अपनी टीम के साथ आगरा आए थे। उन्होंने जानकारी दी कि गाैरव गुप्ता बिना लाइसेंस के अवैध तरीके से एविल और डुपरेनारफिन इंजेक्शन हरियाणा में दिनेश व अन्य के माध्यम से भेज रहा था। छलेसर में उसने गोदाम बनाया था।
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आरोपी का नेटवर्क खंगाल रही टीम
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गाैरव छलेसर स्थित गोदाम से ही सारा माल लोड कराता था। कोई लाइसेंस नहीं ले रखा था। सोमवार रात को एंटी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सहायक उप निरीक्षक बलिंदर सिंह, दारोगा विनोद कुमार, कुलदीप और आरक्षी उपकार के साथ आरोपी को कस्टडी रिमांड पर लेकर टीम आई थी। ट्रांस यमुना थाना पुलिस, औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा और प्रशासन की टीम के साथ गोदाम पर छापा मारा। विवेचक बलिंदर सिंह के अनुसार, गोदाम से 36 पेटी एविल और 1500 प्रतिबंधित डुपरेनारफिन इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गाैरव गुप्ता के नेटवर्क से जुड़े लोगों से पूछताछ करेगी। कई लोगों पर शिकंजा कस सकता है।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गाैरव छलेसर स्थित गोदाम से ही सारा माल लोड कराता था। कोई लाइसेंस नहीं ले रखा था। सोमवार रात को एंटी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सहायक उप निरीक्षक बलिंदर सिंह, दारोगा विनोद कुमार, कुलदीप और आरक्षी उपकार के साथ आरोपी को कस्टडी रिमांड पर लेकर टीम आई थी। ट्रांस यमुना थाना पुलिस, औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा और प्रशासन की टीम के साथ गोदाम पर छापा मारा। विवेचक बलिंदर सिंह के अनुसार, गोदाम से 36 पेटी एविल और 1500 प्रतिबंधित डुपरेनारफिन इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गाैरव गुप्ता के नेटवर्क से जुड़े लोगों से पूछताछ करेगी। कई लोगों पर शिकंजा कस सकता है।
डॉक्टर के पर्चे पर मिलता है
हरियाणा पुलिस के मुताबिक, डुपरेनारफिन इंजेक्शन प्रतिबंधित है। डाॅक्टर के पर्चे पर ही मिल सकता है। यह तेज दर्द और नशा छुड़वाने के लिए दिया जाता है। बिक्री का रिकाॅर्ड रखना होता है। इंजेक्शन को 1 मिलीग्राम की स्माल, 1-19 मिलीग्राम तक की मीडियम और 20 मिलीग्राम मात्रा की व्यावसायिक श्रेणी में रखा जाता है। आरोपी से 3 किलोग्राम के इंजेक्शन बरामद हुए हैं। बिना रिकॉर्ड के इसे बेचा जा रहा था।
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हरियाणा पुलिस के मुताबिक, डुपरेनारफिन इंजेक्शन प्रतिबंधित है। डाॅक्टर के पर्चे पर ही मिल सकता है। यह तेज दर्द और नशा छुड़वाने के लिए दिया जाता है। बिक्री का रिकाॅर्ड रखना होता है। इंजेक्शन को 1 मिलीग्राम की स्माल, 1-19 मिलीग्राम तक की मीडियम और 20 मिलीग्राम मात्रा की व्यावसायिक श्रेणी में रखा जाता है। आरोपी से 3 किलोग्राम के इंजेक्शन बरामद हुए हैं। बिना रिकॉर्ड के इसे बेचा जा रहा था।
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300 रुपये में बेचते हैं एक डोज
हरियाणा में गिरफ्तार साहिल राठी और सुमित ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को बताया कि ड्रग तस्कर प्रतिबंधित डुपरेनारफिन इंजेक्शन और एविल को मिलाकर नशे की डोज तैयार करते हैं। एक डोज को 300 रुपये और उससे अधिक में बेचा जाता है।
हरियाणा में गिरफ्तार साहिल राठी और सुमित ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को बताया कि ड्रग तस्कर प्रतिबंधित डुपरेनारफिन इंजेक्शन और एविल को मिलाकर नशे की डोज तैयार करते हैं। एक डोज को 300 रुपये और उससे अधिक में बेचा जाता है।
दवा माफिया बदल रहे ठिकाना
शहर के फुव्वारा बाजार में पंजाब पुलिस दबिश देकर दवा माफिया को पकड़ चुकी है। दिल्ली और राजस्थान पुलिस भी आ चुकी है। हाल ही में नकली दवा की फैक्टरी पकड़ी गई थी। फव्वारा दवा बाजार में नशे की दवाओं का व्यापार करने वालों पर शिकंजा कसने पर वह ठिकाना बदल रहे हैं। शहर से दूर सुनसान इलाकों में अवैध धंधा किया जा रहा है।
शहर के फुव्वारा बाजार में पंजाब पुलिस दबिश देकर दवा माफिया को पकड़ चुकी है। दिल्ली और राजस्थान पुलिस भी आ चुकी है। हाल ही में नकली दवा की फैक्टरी पकड़ी गई थी। फव्वारा दवा बाजार में नशे की दवाओं का व्यापार करने वालों पर शिकंजा कसने पर वह ठिकाना बदल रहे हैं। शहर से दूर सुनसान इलाकों में अवैध धंधा किया जा रहा है।