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Agra News: तहसीलदार के पेशकार को पकड़ने आई थी एंटी करप्शन टीम

Sat, 05 Oct 2024 10:37 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Sat, 05 Oct 2024 10:37 PM IST
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Anti corruption team had come to arrest Tehsildar's clerk
मैनपुरी। एंटी करप्शन आगरा की टीम भोगांव तहसील में तैनात तहसीलदार के पेशकार को पकड़ने के इरादे से आई थी। ऐन मौके पर पेशकार ने रुपये अपने खास प्राइवेट कर्मी के हाथ में देने की बात कही। इस तरह से पेशकार टीम के हाथ आने से बच गया। एंटी करप्शन टीम ने इस मामले में पेशकार के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।
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थाना करहल में शिकायत दर्ज कराते हुए भ्रष्टाचार निवारण शाखा आगरा ट्रैप टीम प्रभारी पूजा शर्मा ने तहसील में भ्रष्टाचार के कई पहलुओं को उजागर किया है। कार्रवाई का ब्यौरा दर्ज कराते हुए कहा है कि बालाजी पुरम निवासी पिंकी मिश्रा के पति गोपाल बाबू ने शिकायत की थी। इसमें बताया था कि पत्नी के नाम भोगांव क्षेत्र में लिए गए 2 बीघा जमीन का दाखिल खारिज कराने के नाम पर तहसीलदार का पेशकार विपिन कुमार राजपूत 5 हजार रुपये मांग रहा है। उसने साफ कह दिया है कि तहसीलदार बिना रुपये लिए कोई कार्य नहीं करेंगे। ऐसे ही कई वर्षों तक तहसील के चक्कर लगाते रहोगे। 5 हजार रुपये दे दो तो आपका आदेश करा दूंगा।
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इस शिकायत के बाद ट्रैप टीम प्रभारी अपनी टीम के साथ पेशकार विपिन कुमार को पकड़ने के इरादे से आई थी। लेकिन जब पीड़ित रुपये देने गए तो विपिन ने कहा कि रुपये उनके हाथ में नहीं बल्कि उनके बाबू हरी सिंह को दे दो। जैसे ही प्राइवेट कर्मी ने रुपये हाथ में लेकर जेब में रखे तभी टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। भ्रष्टाचार में लिप्त प्राइवेट कर्मी हरी सिंह तो पकड़ा गया लेकिन तहसीलदार का पेशकार टीम के हाथ आने से बच गया। टीम प्रभारी पूजा शर्मा ने प्राइवेट कर्मी के साथ ही पेशकार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया है।
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प्राइवेटकर्मी तो सिर्फ मोहरा है...
एंटी करप्शन की टीम ने जब प्राइवेट कर्मी से पूछताछ की तो उसने तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर कई रहस्य उजागर किए। यह भी बताया कि वह तो सिर्फ एक मोहरा है। असली खिलाड़ी तो कुर्सियों से चिपके हुए हैं। उन्हें तो बस का काम का कुछ प्रतिशत मिलता है। रिश्वत के रुपये तो तहसीलदार के पेशकार विपिन जैसे लोग अपनी जेब में रखते हैं। तहसील में वह अकेला नहीं है,उसके जैसे कई लोग हैं जो विभिन्न कार्यालयों में सरकारी कामकाज देखते हैं और सरकारी कर्मियों के लिए रिश्वत लेने का जरिया हैं।
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