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जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद लापरवाही ले रही मरीजों की जान, तीन दिनों में चार मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 18 Sep 2018 07:55 PM IST
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में अज्ञात मरीज ने वक्त पर इलाज न मिलने पर तोड़ दिया। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद से अब तक लापरवाही से चार की मौत हो चुकी है।
इमरजेंसी में सुबह करीब 11 बजे कोई 30 साल के अज्ञात मरीज को इमरजेंसी लेकर आया। यहां उसे भर्ती कराके चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि यहां काफी देर तक डॉक्टरों ने उसे नहीं देखा। वरिष्ठ चिकित्सकों ने इसे ऐसे हाल में देखा तो उन्होंने जूनियर डाक्टरों से इलाज के लिए बोला।
उनके कहने पर इलाज दिया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही मरीज ने दम तोड़ दिया। इसकी पहचान नहीं हो सकी है। जूनियर डाक्टरों की हड़ताल के बाद से ये चौथी मौत है। इससे पहले टेढ़ी बगिया निवासी मनोज कुमार की मासूम रुद्र को इमरजेंसी से भगा दिया था, जिसकी मौत हो गई थी।
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इमरजेंसी में सुबह करीब 11 बजे कोई 30 साल के अज्ञात मरीज को इमरजेंसी लेकर आया। यहां उसे भर्ती कराके चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि यहां काफी देर तक डॉक्टरों ने उसे नहीं देखा। वरिष्ठ चिकित्सकों ने इसे ऐसे हाल में देखा तो उन्होंने जूनियर डाक्टरों से इलाज के लिए बोला।
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उनके कहने पर इलाज दिया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही मरीज ने दम तोड़ दिया। इसकी पहचान नहीं हो सकी है। जूनियर डाक्टरों की हड़ताल के बाद से ये चौथी मौत है। इससे पहले टेढ़ी बगिया निवासी मनोज कुमार की मासूम रुद्र को इमरजेंसी से भगा दिया था, जिसकी मौत हो गई थी।
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सोमवार को रुनकता के रिंकू और मंटोला के मरीज के इलाज में भी लापरवाही होने पर दम तोड़ दिया था। एसआईसी डॉ. एसके मजूमदार का कहना है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। हालत बेहद गंभीर बताई गई।
इमरजेंसी का निरीक्षण कर देखा हाल
हड़ताल के बाद लगातार इलाज में लापरवाही की शिकायत मिलने के बाद एसआईसी ने शाम को इमरजेंसी का निरीक्षण किया। मेडिसिन, सर्जरी, बाल रोग, हड्डी रोग अनुभाग का निरीक्षण का डॉक्टरों की उपस्थिति देखी। एमओआईसी को भर्ती मरीजों के बारे में जानकारी मांगते हुए इलाज में कोताही न बरतने की सख्त हिदायत दी।
इमरजेंसी का निरीक्षण कर देखा हाल
हड़ताल के बाद लगातार इलाज में लापरवाही की शिकायत मिलने के बाद एसआईसी ने शाम को इमरजेंसी का निरीक्षण किया। मेडिसिन, सर्जरी, बाल रोग, हड्डी रोग अनुभाग का निरीक्षण का डॉक्टरों की उपस्थिति देखी। एमओआईसी को भर्ती मरीजों के बारे में जानकारी मांगते हुए इलाज में कोताही न बरतने की सख्त हिदायत दी।