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आगरा विविः बीएड फर्जीवाड़े की जांच में एसआईटी ने पकड़ा एक और 'खेल'

Tue, 31 Oct 2017 09:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Tue, 31 Oct 2017 09:40 AM IST
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another case found in agra university fake marksheet scandle
अागरा ‌व‌िवि - फोटो : अमर उजाला
डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के फर्जी मार्कशीट प्रकरण में जांच कर रही एसआईटी को ऐसे भी मामले मिले हैं जिनमें अभ्यर्थियों की बीएड ही नहीं बल्कि बीए की मार्कशीट भी फर्जी मिली है। तीन मैनपुरी के हैं। एक फिरोजाबाद का। ये सभी सहायक अध्यापक हैं। 
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इन्होंने दोनों फर्जी मार्कशीट आगरा से 2004 में खरीदीं। एक ने तो सुबह बीए की मार्कशीट खरीदी। शाम को बीएड की खरीद ली। बाद में विवि. के चार्ट में इन्हें दर्ज भी करा दिया। विवि. ने फर्जी मार्कशीट को असली बताकर सत्यापन भी कर दिया। अब इन मामलों में एफआईआर दर्ज किए जाने की तैयारी है।
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एसआईटी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि पिछले महीने सहायक अध्यापकों के बयान दर्ज किए गए थे। तभी यह जानकारी सामने आई थी। इसकी पड़ताल की गई तो बात सही निकली। फिरोजाबाद के एक अभ्यर्थी ने आगरा के निजी कॉलेज के क्लर्क के माध्यम से एक ही दिन में दोनों मार्कशीट खरीदीं। 
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बीए की मार्कशीट 2003 की है। इसमें 71 फीसदी अंक हैं। बीएड की 2004 की है। इसमें 82 फीसदी अंक है। अंकों का प्रतिशत ज्यादा होने के चलते ही फर्जी डिग्री वालों को नौकरी मिली जबकि असली वाले देखते रह गए।

बेसिक शिक्षा विभाग के पास पूरा डाटा

जांच में 4500 मार्कशीट फर्जी पाई गईं। यह बात पहले ही सामने आ चुकी है। इनमें से 3500 पूरी तरह फर्जी हैं। एक हजार ऐसी हैं जिनमें बाद में अंक बढ़वाए गए। इन मार्कशीट की मदद से लगभग 3100 लोगों ने सरकारी नौकरी पाई है। इनमें से लगभग 2700 बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक बताए गए हैं। इन्हें बर्खास्त किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। 

इनकी सूची जिलावार बनाई जा रही है। विश्वविद्यालय की बीए, एमए, बीटेक, एमटेक, बीएड समेत तमाम मार्कशीट फर्जी मिलती रही हैं। ये मामले अब सामने आए हैं जिनमें बीए और बीएड दोनों की मार्कशीट फर्जी रहीं। अब इन पर केस दर्ज किया जाएगा। यह विवरण भी बेसिक शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया है।

बीएसए के पास पहुंचा रिकार्ड

एसआईटी के अधिकारियों ने 4500 फर्जी मार्कशीट का विवरण बेसिक शिक्षा विभाग को भेजा था। वहां से इसे सीडी में सभी बीएसए को भेजा गया है। इनमें फर्जी मार्कशीट वाले अभ्यर्थियों के नाम, पते और रोल नंबर हैं। बेसिक शिक्षा विभाग लिस्ट की मदद से फर्जी मार्कशीट वाले अध्यापकों की पहचान करेगा। उन्हें बर्खास्त किया जाएगा। उन पर केस भी दर्ज होगा।
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