पुष्टाहार में भ्रष्टाचार: खुलकर सामने आईं आंगनबाड़ी, 'चार माह से नहीं मिला मानदेय... कैसे भरें परिवार का पेट'
पुष्टाहार में भ्रष्टाचार ते मामले में आंगनबाड़ी खुलकर सामने आईं। बोलीं- चार माह से मानदेय नहीं मिला। परिवार का पेट कैसे भरें?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में साढ़े पांच हजार रुपये मानदेय मिलता है, वो भी चार महीने से नहीं मिला। इस महंगाई में परिवार पालना मुश्किल हो रहा है। हम एक दाना नहीं बेचते। अफसर बिकवाते हैं। फंसाया हमें जा रहा है। ये कहना है आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का। पुष्टाहार वितरण मामले में निलंबन के विरोध में शनिवार को छीपीटोला आंबेडकर भवन में कार्यकर्ताओं ने सभा की।
जहां निर्णय हुआ कि समस्याओं को लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि अधिकारियों की खता की सजा हमें न दी जाए। अधिकारी कमीशन मांगते हैं। इसलिए राशन बाजार में बिक रहा है।
कहा कि जो निर्दोष हैं, पुलिस उन्हें भी परेशान कर रही है। यही हाल रहा तो प्रदेशव्यापी आंदोलन करना पड़ेगा। महिला आंगनबाड़ी संघ प्रदेश उपाध्यक्ष डालचंद चौधरी ने कहा कि सोमवार को सभी आंगनबाड़ी कलेक्ट्रेट पर इकठ्ठा होंगी।
चावल राशन माफिया पर नहीं कसा शिकंजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डांट के बाद पुलिस और प्रशासन के अफसर सक्रिय हो उठे। पुष्टाहार की कालाबाजारी मामले में दो दिन में गिरफ्तारियां हो गईं। डीपीओ, सीडीपीओ, सुपरवाइजर सहित 17 आंगनबाड़ी निलंबित हो गई। लेकिन, कार्डधारकों को वितरित होने वाले राशन के चावल की कालाबाजारी में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 50 से अधिक केस दर्ज होने पर भी चावल की कालाबाजारी कर रहे माफिया के गुर्गों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।