फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Amogh Lila Prabhu states youth desire progress keep your distance from smartphones

UP: 'जीवन में तरक्की चाहते हैं तो स्मार्ट फोन से दूरी रखें युवा', अमोघ लीला प्रभु ने दिया सफलता का नया सूत्र

Sun, 12 Apr 2026 03:12 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Sun, 12 Apr 2026 03:12 PM IST
सार

प्रेरक वक्ता अमोघ लीला प्रभु ने कहा कि घंटों रील्स देखने और इंटरनेट पर समय बिताने से युवाओं में एकाग्रता खत्म हो रही है। एआई पर बढ़ती निर्भरता हमारी मौलिक सोच को निगल रही है। मोबाइल एप्स युवाओं को उनके कॅरिअर और जीवन के वास्तविक उद्देश्यों से दूर ले जा रहे हैं।

विज्ञापन
Amogh Lila Prabhu states youth desire progress keep your distance from smartphones
अमोघ लीला दास - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा काॅशिंयसनेस (इस्कॉन) की ओर से आयोजित मेगा यूथ फेस्ट 'आरंभ-2' में शनिवार को प्रेरक वक्ता अमोघ लीला प्रभु ने युवाओं से संवाद किया। ‘एआई, सोल एंड फ्यूचर ऑफ ह्यूमन्स’ विषय पर बोलते हुए मोबाइल, इंटरनेट और एआई की तिकड़ी में फंसी युवा पीढ़ी को भविष्य की कड़वी हकीकत से रूबरू कराया। कहा जो भी युवा जीवन में तरक्की करना चाहते हैं वो जल्द से जल्द स्मार्ट फोन से छुटकारा पा लें।
विज्ञापन


अपने चिर-परिचित मजाकिया और तार्किक अंदाज में उन्होंने युवाओं से सीधे सवाल किया कि तकनीक का इस्तेमाल कौन-कौन करता है? इसके बाद शुरू हुआ तथ्यों और सीख का सिलसिला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया। अमोघ लीला प्रभु ने एक सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि इंटरनेट और सोशल मीडिया की लत के कारण आज देश का 43 प्रतिशत युवा नौकरी के लायक ही नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि घंटों रील्स देखने और इंटरनेट पर समय बिताने से युवाओं में एकाग्रता खत्म हो रही है। एआई पर बढ़ती निर्भरता हमारी मौलिक सोच को निगल रही है। मोबाइल एप्स युवाओं को उनके कॅरिअर और जीवन के वास्तविक उद्देश्यों से दूर ले जा रहे हैं।
विज्ञापन


उन्होंने आधुनिक जीवनशैली पर प्रहार करते हुए कहा, जब साधन नहीं थे, तब हमारे पास समय था, आज साधन हैं, तो समय ही नहीं है। कहा कि इंटरनेट की आभासी दुनिया में जीने वाले बच्चे वास्तविक जीवन से कट जाते हैं। आज मैदान में खेले जाने वाले खेल भी मोबाइल पर ही खेले जा रहे हैं। ऐसे में सेहत भी बिगड़ रही है और शारीरिक-मानसिक तनाव भी हो रहा है। उन्होंने डिजिटल दुष्चक्र से निकलने का मार्ग भी बताया। तकनीक का सीमित और सही उपयोग करने की सलाह दी। सत्र के अंत में प्रश्नोत्तर दौर हुआ, जिसमें युवाओं ने एआई और कॅरिअर के द्वंद्व पर अपनी शंकाएं दूर कीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी, डीसीपी अभिषेक अग्रवाल, संजीव मित्तल, डॉ. रंजना बंसल, सुशील अग्रवाल, नितेश अंग्रवाल, संजीव बंसल, कांता प्रसाद अग्रवाल, अदिति गौरांगी, शैलेश बंसल, राजेश उपाध्याय, डॉ. सुशील गुप्ता, डॉ. गिरधर शर्मा, डॉ. अंकुर गोयल, ओमप्रकाश अग्रवाल, अशु मित्तल, अरविंद प्रभु आदि मौजूद रहे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed