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हंगामे के बीच नगर निगम पुनरीक्षित बजट पास
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Tue, 20 Dec 2016 11:50 PM IST
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जलकल का बजट प्रस्तुत न करने पर हंगामा, टैक्स वसूली बढ़ाने के निर्देश
- फोटो : अमर उजाला
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वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए नगर निगम के पुनरीक्षित बजट को सदन ने हंगामे के बीच स्वीकृति प्रदान कर दी। बजट पर चर्चा के दौरान पार्षदों ने जलकल का बजट सदन में नहीं रखने और टैक्स वसूली में नगर निगम के कर्मचारियों के द्वारा गड़बड़ी करने के आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
नगर निगम सदन की बैठक दोपहर करीब 1.30 बजे प्रारंभ हुई। सदन में बजट पर चर्चा से पहले पार्षदों ने व्यवस्था के प्रश्न उठाए, जिन पर काफी देर तक हंगामा जलता रहा। मेयर इंद्रजीत आर्य और नगर आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने बड़ी मुश्किल से पार्षदों को शांत किया। इसके बाद नगर निगम वित्त अधिकारी ने सदन के समक्ष पुनरीक्षित बजट प्रस्तुत किया। बजट पर चर्चा के दौरान पार्षद रवि माथुर ने कहा कि निगम के अधिकारी गृह कर और संपत्ति कर से आय बढ़ने पर काफी खुश हैं लेकिन यह आय निगम कर्मियों के प्रयासों से नहीं बढ़ी बल्कि नोटबंदी की वजह से आय हुई है। राकेश जैन, संजय बघेल, राजपाल यादव धर्मवीर सिंह, कर्मवीर भारती, मदन लाल तिमोरी, प्रमोद उपाध्याय, प्रतूल भार्गव, राहुल चतुर्वेदी आदि ने आरोप लगाया कि नगर निगम कर्मचारी टैक्स वसूली में गड़बड़ी करते हैं। शहर में तमाम भवन हैं जहां व्यवसायिक गतिविधियां चल रही हैं लेकिन टैक्स आवासीय का वसूल किया जा रहा है। लिहाजा शहर में सर्वे किया जाए और वास्तविक टैक्स वसूल किया जाए, जिससे निगम की आय में इजाफा हो। पार्षद हेमंत प्रजापति ने जलकल विभाग का पुनरीक्षित बजट निगम में प्रस्तुत नहीं करने का विरोध किया। उन्होंने रोट कटिंग से आय घटने और शेल्टर होम की दुकानों का निस्तारण न करने का भी विरोध किया। पार्षद मुकेश यादव ने पुरानी मंडी चौराहे के नामकरण प्रस्ताव पर संशोधन प्रस्ताव दिया। भोजनावकाश के बाद पार्षदों ने बजट को पास कर दिया।
बात-बात पर हंगामा, पार्षद संदीप निलंबित
नगर निगम सदन की बैठक में बात-बात पर हंगामा हुआ। सबसे पहले तो भाजपा पार्षद संदीप उपाध्याय ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर दीनता का भाव दिखाते हुए अधिकारियों से कह दिया कि मैं आपकी चरणवंदना करता हूं मेरी बात सुनिए। इससे पार्षद उनके विरोध में खड़े हो गए और हंगामा कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्षद यहां अफसरों की चरणवंदना को नहीं आते हैं। हंगामा बढ़ते देख नगर आयुक्त ने कहा कि इस शब्द को मिनिट्स में नहीं रखा जाएगा तब जाकर मामला शांत हुआ। पार्षद राजपाल ने सदन की टूटी सीटों को लेकर हंगामा कर दिया। बजट पर चर्चा के दौरान जब पार्षद संदीप उपाध्याय को नहीं बोलने दिया गया तो बजट सत्र के बहिष्कार एलान कर दिया और कागज फाड़ते हुए सदन से चले गए। इस पर विरोधी पार्षदों ने इसे सदन का अपमान बताते हुए हंगामा कर दिया। मेयर इंद्रजीत आर्य ने संदीप को अगली सदन की बैठक से निलंबित कर दिया है।
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एलईडी पर निगम ने मांगा दो दिन का समय
चर्चा के दौरान डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के नगर निगम के प्रस्ताव को पास कर दिया गया है। सड़क पर कूड़ा जलाते पाए जाने पर दंड के प्राविधान को सदन की हरी झंडी मिल गई है। इसके साथ ही शहर में एलईडी लाइट न लग पाने पर जवाब तलब किया। इस पर नगर आयुक्त ने शासनादेश की समीक्षा कर दो दिन हल निकालने का समय मांगा है।
नगर निगम का पुनरीक्षित बजट एक नजर में
प्रारंभिक अवशेष ................. 23145.10 लाख
आय.................................. 44073.60 लाख
योग.................................. 67218.70 लाख
व्यय................................. 48943.35 लाख
अंतिम अवशेष.................... 18275.35 लाख
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नगर निगम सदन की बैठक दोपहर करीब 1.30 बजे प्रारंभ हुई। सदन में बजट पर चर्चा से पहले पार्षदों ने व्यवस्था के प्रश्न उठाए, जिन पर काफी देर तक हंगामा जलता रहा। मेयर इंद्रजीत आर्य और नगर आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने बड़ी मुश्किल से पार्षदों को शांत किया। इसके बाद नगर निगम वित्त अधिकारी ने सदन के समक्ष पुनरीक्षित बजट प्रस्तुत किया। बजट पर चर्चा के दौरान पार्षद रवि माथुर ने कहा कि निगम के अधिकारी गृह कर और संपत्ति कर से आय बढ़ने पर काफी खुश हैं लेकिन यह आय निगम कर्मियों के प्रयासों से नहीं बढ़ी बल्कि नोटबंदी की वजह से आय हुई है। राकेश जैन, संजय बघेल, राजपाल यादव धर्मवीर सिंह, कर्मवीर भारती, मदन लाल तिमोरी, प्रमोद उपाध्याय, प्रतूल भार्गव, राहुल चतुर्वेदी आदि ने आरोप लगाया कि नगर निगम कर्मचारी टैक्स वसूली में गड़बड़ी करते हैं। शहर में तमाम भवन हैं जहां व्यवसायिक गतिविधियां चल रही हैं लेकिन टैक्स आवासीय का वसूल किया जा रहा है। लिहाजा शहर में सर्वे किया जाए और वास्तविक टैक्स वसूल किया जाए, जिससे निगम की आय में इजाफा हो। पार्षद हेमंत प्रजापति ने जलकल विभाग का पुनरीक्षित बजट निगम में प्रस्तुत नहीं करने का विरोध किया। उन्होंने रोट कटिंग से आय घटने और शेल्टर होम की दुकानों का निस्तारण न करने का भी विरोध किया। पार्षद मुकेश यादव ने पुरानी मंडी चौराहे के नामकरण प्रस्ताव पर संशोधन प्रस्ताव दिया। भोजनावकाश के बाद पार्षदों ने बजट को पास कर दिया।
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बात-बात पर हंगामा, पार्षद संदीप निलंबित
नगर निगम सदन की बैठक में बात-बात पर हंगामा हुआ। सबसे पहले तो भाजपा पार्षद संदीप उपाध्याय ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर दीनता का भाव दिखाते हुए अधिकारियों से कह दिया कि मैं आपकी चरणवंदना करता हूं मेरी बात सुनिए। इससे पार्षद उनके विरोध में खड़े हो गए और हंगामा कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्षद यहां अफसरों की चरणवंदना को नहीं आते हैं। हंगामा बढ़ते देख नगर आयुक्त ने कहा कि इस शब्द को मिनिट्स में नहीं रखा जाएगा तब जाकर मामला शांत हुआ। पार्षद राजपाल ने सदन की टूटी सीटों को लेकर हंगामा कर दिया। बजट पर चर्चा के दौरान जब पार्षद संदीप उपाध्याय को नहीं बोलने दिया गया तो बजट सत्र के बहिष्कार एलान कर दिया और कागज फाड़ते हुए सदन से चले गए। इस पर विरोधी पार्षदों ने इसे सदन का अपमान बताते हुए हंगामा कर दिया। मेयर इंद्रजीत आर्य ने संदीप को अगली सदन की बैठक से निलंबित कर दिया है।
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एलईडी पर निगम ने मांगा दो दिन का समय
चर्चा के दौरान डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के नगर निगम के प्रस्ताव को पास कर दिया गया है। सड़क पर कूड़ा जलाते पाए जाने पर दंड के प्राविधान को सदन की हरी झंडी मिल गई है। इसके साथ ही शहर में एलईडी लाइट न लग पाने पर जवाब तलब किया। इस पर नगर आयुक्त ने शासनादेश की समीक्षा कर दो दिन हल निकालने का समय मांगा है।
नगर निगम का पुनरीक्षित बजट एक नजर में
प्रारंभिक अवशेष ................. 23145.10 लाख
आय.................................. 44073.60 लाख
योग.................................. 67218.70 लाख
व्यय................................. 48943.35 लाख
अंतिम अवशेष.................... 18275.35 लाख