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अब गलत लोकेशन नहीं दे सकेंगे एंबुलेंस चालक
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कासगंज के जिला चिकित्सालय में प्रशिक्षण लेते एंबुलेंस चालक।
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। सरकारी एंबुलेंस चालक अब फर्जी लोकेशन नहीं दे सकेंगे और किसी दूसरे चालक से एंबुलेंस भी नहीं चलवा सकेेंगे। सरकारी एंबुलेंस में जीपीएस के बाद अब बॉयोमीट्रिक डिवाइस लगाया जा रहा है। दोनों डिवाइस एक दूसरे से कनेक्ट होंगे। एंबुलेंस मुख्यालय पर कर्मचारी एंबुलेंस की पल-पल लोकेशन देख सकेंगे।
जिले की एंबुलेंस सेवा को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यूं तो सरकारी एंबुलेंसों में जीपीएस सिस्टम लगे थे, लेकिन सिस्टम में तमाम चालकों ने तकनीकी खामी पैदा कर दी है। तमाम चालकों ने जीपीएस को मोबाइल से कनेक्ट कर लिया और मोबाइल को एंबुलेंस में न ले जाकर गलत लोकेशन दर्ज करा देते थे।
कासगंज में भी कुछ ऐसे प्रकरण सामने आए। अब सरकार ने एंबुलेंस सेवा को नई तकनीक से जोड़ दिया है। भले ही जीपीएस एंबुलेंस चालक के मोबाइल से कनेक्ट रहेगा, लेकिन एंबुलेंस में बॉयोमीट्रिक डिवाइस लगा दिए गए हैं और यह डिवाइस जीपीएस सिस्टम से कनेक्ट हैं। अब एंबुलेंस चालक बॉयोमीट्रिक डिवाइस पर अंगूठा लगाएगा और इसके बाद जीपीएस कनेक्ट हो सकेगा। इस नई तकनीक से एंबुलेंस सेवा में बेहतर सुधार की उम्मीद है।
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सेवा समाप्त की जा चुकी है
कासगंज। कुछ माह पहले कि नदरई गेट पर खड़ी एंबुलेंस की लोकेशन शहर से 40 किलोमीटर नजर आ रही थी लेकिन अधिकारियों के निरीक्षण में यह एंबुलेंस मिशन चौराहे के समीप खड़ी मिली। गलत लोकेशन देने वाले चालक की सेवाएं भी समाप्त की गईं थी।
दिया गया प्रशिक्षण
कासगंज। एंबुलेंस चालकों को नई तकनीक से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। रविवार को जिला अस्पताल में जिले के सभी सरकारी एंबुलेंस चालकों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में एंबुलेंस सेवा के अधिकारियों ने चालककों को नई तकनीक के सिस्टम की विस्तृत जानकारी दी।
बेहतर सेवाएं बनाने का प्रयास
- एंबुलेंस सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। नई तकनीक लागू की जा रही है। इस तकनीक के बारे में एंबुलेंस चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- अनुराग कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एंबुलेंस सेवा।
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जिले की एंबुलेंस सेवा को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यूं तो सरकारी एंबुलेंसों में जीपीएस सिस्टम लगे थे, लेकिन सिस्टम में तमाम चालकों ने तकनीकी खामी पैदा कर दी है। तमाम चालकों ने जीपीएस को मोबाइल से कनेक्ट कर लिया और मोबाइल को एंबुलेंस में न ले जाकर गलत लोकेशन दर्ज करा देते थे।
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कासगंज में भी कुछ ऐसे प्रकरण सामने आए। अब सरकार ने एंबुलेंस सेवा को नई तकनीक से जोड़ दिया है। भले ही जीपीएस एंबुलेंस चालक के मोबाइल से कनेक्ट रहेगा, लेकिन एंबुलेंस में बॉयोमीट्रिक डिवाइस लगा दिए गए हैं और यह डिवाइस जीपीएस सिस्टम से कनेक्ट हैं। अब एंबुलेंस चालक बॉयोमीट्रिक डिवाइस पर अंगूठा लगाएगा और इसके बाद जीपीएस कनेक्ट हो सकेगा। इस नई तकनीक से एंबुलेंस सेवा में बेहतर सुधार की उम्मीद है।
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सेवा समाप्त की जा चुकी है
कासगंज। कुछ माह पहले कि नदरई गेट पर खड़ी एंबुलेंस की लोकेशन शहर से 40 किलोमीटर नजर आ रही थी लेकिन अधिकारियों के निरीक्षण में यह एंबुलेंस मिशन चौराहे के समीप खड़ी मिली। गलत लोकेशन देने वाले चालक की सेवाएं भी समाप्त की गईं थी।
दिया गया प्रशिक्षण
कासगंज। एंबुलेंस चालकों को नई तकनीक से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। रविवार को जिला अस्पताल में जिले के सभी सरकारी एंबुलेंस चालकों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में एंबुलेंस सेवा के अधिकारियों ने चालककों को नई तकनीक के सिस्टम की विस्तृत जानकारी दी।
बेहतर सेवाएं बनाने का प्रयास
- एंबुलेंस सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। नई तकनीक लागू की जा रही है। इस तकनीक के बारे में एंबुलेंस चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- अनुराग कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एंबुलेंस सेवा।