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क्वालिटी एजूकेशन में अंबेडकर विवि फेल
धर्मेंद्र त्यागी, आगरा
Updated Tue, 23 Aug 2016 12:20 AM IST
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यूजीसी ने यूनिवर्सिटियों को नए दिशा निर्देश जारी किए हैं
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तमाम फर्जीवाड़े के लिए बदनाम हो चुकी डा. बीआरए यूनिवर्सिटी क्वालिटी एजूकेशन देने में भी फेल साबित हुई है। यह रिपोर्ट है मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आनलाइन सर्वे की। इसमें पाया कि यूनिवर्सिटी के कालेजों में 15 हजार शिक्षकों की कमी है। 60 फीसदी कालेजों में प्रैक्टिकल लैब मानकों के अनुरूप नहीं है। पुस्तकालयों की भी यही स्थिति है। इतना ही नहीं, 712 कालेजों में से 223 ने तो सर्वे में डाटा ही मुहैया नहीं कराया है।
ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजूकेशन (एआईएसएचई) से शिक्षा का स्तर पता लगाया गया। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शिक्षक, कोर्स, लैब, पुस्तकालय, छात्रवृत्ति, मैदान, आय-व्यय, कोर्स, कमरे समेत कई जानकारी ऑनलाइन मांगी थीं।
2015-16 सत्र के 712 कालेजों में से 489 ने ही विवरण अपलोड किया। इसके मुताबिक, 6.55 लाख छात्रों पर कुल शिक्षक 16,733 शिक्षक हैं। यूजीसी के मुताबिक, इतने छात्रों पर करीब 32 हजार होने चाहिए।
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साल दर साल ये है स्थिति:
सत्र कालेज इतने ने दिया डाटा नहीं दिया
2010-11 505 59 446
2011-12 510 181 329
2012-13 550 201 349
2013-14 557 150 407
2014-15 654 541 113
2015-16 712 489 223
मान्यता पड़ सकती है खतरे में
एआईएसएचई प्रभारी डा. मनोज उपाध्याय बताते हैं कि एचआरडी की संस्तुति पर सर्वे के तहत डाटा न देने वाले, दयनीय मानकों वाले कालेजों पर शासन सख्त कार्रवाई कर सकता है। ऐसे कालेज योजनाओं के दायरे से बाहर होंगे ही मान्यता पर भी खतरा है।
नहीं मिलेगी ग्रांट, होगा वेरिफिकेशन
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के प्रभारी डा. संजय चौधरी बताते हैं कि शैक्षणिक गुणवत्ता देने वाले कालेजों का मंत्रालय की ओर से गठित टीम भौतिक सत्यापन करने के बाद दो करोड़ रुपये तक की ग्रांट मिलेगी। अभी प्राइवेट कालेजों का सत्यापन शुरू नहीं हुआ है।
मानकों को पूरा न करने वाले कालेज खुद खामियाजा भुगतेंगे। विश्वविद्यालय स्तर से रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- केएन सिंह, कुलसचिव
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ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजूकेशन (एआईएसएचई) से शिक्षा का स्तर पता लगाया गया। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शिक्षक, कोर्स, लैब, पुस्तकालय, छात्रवृत्ति, मैदान, आय-व्यय, कोर्स, कमरे समेत कई जानकारी ऑनलाइन मांगी थीं।
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2015-16 सत्र के 712 कालेजों में से 489 ने ही विवरण अपलोड किया। इसके मुताबिक, 6.55 लाख छात्रों पर कुल शिक्षक 16,733 शिक्षक हैं। यूजीसी के मुताबिक, इतने छात्रों पर करीब 32 हजार होने चाहिए।
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साल दर साल ये है स्थिति:
सत्र कालेज इतने ने दिया डाटा नहीं दिया
2010-11 505 59 446
2011-12 510 181 329
2012-13 550 201 349
2013-14 557 150 407
2014-15 654 541 113
2015-16 712 489 223
मान्यता पड़ सकती है खतरे में
एआईएसएचई प्रभारी डा. मनोज उपाध्याय बताते हैं कि एचआरडी की संस्तुति पर सर्वे के तहत डाटा न देने वाले, दयनीय मानकों वाले कालेजों पर शासन सख्त कार्रवाई कर सकता है। ऐसे कालेज योजनाओं के दायरे से बाहर होंगे ही मान्यता पर भी खतरा है।
नहीं मिलेगी ग्रांट, होगा वेरिफिकेशन
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के प्रभारी डा. संजय चौधरी बताते हैं कि शैक्षणिक गुणवत्ता देने वाले कालेजों का मंत्रालय की ओर से गठित टीम भौतिक सत्यापन करने के बाद दो करोड़ रुपये तक की ग्रांट मिलेगी। अभी प्राइवेट कालेजों का सत्यापन शुरू नहीं हुआ है।
मानकों को पूरा न करने वाले कालेज खुद खामियाजा भुगतेंगे। विश्वविद्यालय स्तर से रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- केएन सिंह, कुलसचिव