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अमर उजाला समृद्धि संवादः ताज ट्रिपेजियम जोन ने लगाईं बंदिशें, हटें तो 'रफ्तार' पकड़े रियल एस्टेट

Wed, 18 Sep 2019 09:46 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 18 Sep 2019 09:46 AM IST
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amar ujala samvad in Agra real estate business hope
रियल एस्टेट उद्यमियों संग हुआ संवाद - फोटो : अमर उजाला
पांच साल से रियल एस्टेट में छाई मंदी, जमीन-फ्लैट की कीमतों में गिरावट, नए प्रोजेक्ट की शुरूआत न होने से गहराए संकट पर अमर उजाला कार्यालय में मंगलवार को रियल एस्टेट सेक्टर के उद्यमियों और अर्थशास्त्रियों के साथ ‘समृद्धि संवाद’ किया गया।
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संवाद में उद्यमी एकमत रहे कि ताज ट्रिपेजियम जोन की बंदिशें हटें तो रियल एस्टेट अपनी रफ्तार पकड़ सके। पर्यावरण समेत नीतियों के असमंजस से चाल थमी हुई है। हालात बदलने हैं तो व्हाइट कैटेगरी और तदर्थ रोक हटानी पड़ेगी।
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रोजगार बढ़े, उद्योग लगें तो अपने आप बढ़ेगा रियल एस्टेट
टीटीजेड में प्रतिबंधों के कारण नए प्रोजेक्ट रुके हुए हैं। पांच हजार वर्ग मीटर से ज्यादा पर रोक और पर्यावरण अनुमति के कारण सभी काम रुके हुए हैं। यह प्रतिबंध हटने चाहिए - अनमोल जैन
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एनजीटी और टीटीजेड का डर खत्म होना चाहिए 
नोएडा में रियल एस्टेट में गति पकड़ना शुरू हो गया है, लेकिन आगरा में यह तब होगा, जब नौकरियां मिलेंगी और एनजीटी, टीटीजेड का डर खत्म होगा। निवेशक और खरीदार डरे हुए हैं कि कौन सा प्रोजेक्ट कब फंस जाए - आनंद श्रोतिय

शहर में नई इकाइयां लगे तो सेक्टर में होगी ग्रोथ
आगरा में नए औद्योगिक क्षेत्र बनें, जिनमें इकाइयां लगें और लोगों को रोजगार मिले तो अपने आप ही रियल एस्टेट बढ़ना शुरू हो जाएगा। नए खरीदार आएंगे तो मांग के मुताबिक प्रोजेक्ट भी शुरू हो पाएंगे - शोभिक गोयल

ड़क पर चलना मुश्किल, नए-नए नियम बन रहे 
पांच साल से नोटबंदी, जीएसटी, रेरा समेत कई फैसलों से हमारी कमर टूट गई है। शहर में इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है। सड़कों पर चलना मुश्किल है। इन जिम्मेदारियों की जगह नए-नए नियम बन रहे हैं। आवारा पशुओं का हल खोज नहीं पाए -पुनीत अग्रवाल


टीटीजेड से बंदिशें हटें तो रियल एस्टेट आगे बढ़े 
कारोबारियों पर 27 विभागों का शिकंजा है। सही काम को करने में भी परेशानियां हैं। टीटीजेड से बंदिशें हटें तो रियल एस्टेट आगे बढ़े। इन्फ्रास्ट्रक्चर को अलग कैटेगरी बनाया जाए तभी रियल एस्टेट में समृद्धि आएगी- इं. उमेश शर्मा, सदस्य टीटीजेड
 

टीटीजेड से बंदिशें हटें तो रियल एस्टेट आगे बढ़े 
कारोबारियों पर 27 विभागों का शिकंजा है। सही काम को करने में भी परेशानियां हैं। टीटीजेड से बंदिशें हटें तो रियल एस्टेट आगे बढ़े। इन्फ्रास्ट्रक्चर को अलग कैटेगरी बनाया जाए तभी रियल एस्टेट में समृद्धि आएगी- इं. उमेश शर्मा, सदस्य टीटीजेड

रियल एस्टेट में भविष्य में उम्मीदें हैं 
रियल एस्टेट की मौजूदा हालत तो खराब है, लेकिन भविष्य में उम्मीदें भी हैं। नकारात्मकता का माहौल हटाने की जरूरत है। दोनों एक्सप्रेसवे के पास इंडस्ट्रियल एरिया बनाना पड़ेगा, तब रोजगार और उद्योग से हमारी मंदी दूर होगी- नीतेश गर्ग

यहां बाजार उतना नहीं गिरा, जितना बाकी जगह 
घर रहने के लिए है न कि निवेश के लिए। यह धारणा बदलने की जरूरत है। आगरा में बाजार उतना नहीं गिरा, जितना बाकी जगह। जो खराब काम कर रहे थे, वह बाजार से बाहर हो गए। असमंजस दूर हो जाए तो ट्रेड बढ़ने लगेगा -निखिल अग्रवाल

सरकार का सहयोग मिले तो सेक्टर आगे बढ़े 
बिल्डर विकास शुल्क दे रहे, पर सरकारी विभाग विकास कार्य और इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं बना रहे। सरकार का सहयोग मिलेगा, तभी रियल एस्टेट आगे बढ़ पाएगा। - भगत सिंह बघेल

एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से समस्या खत्म हो सकती है
आगरा में बैराज से पानी की समस्या और एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी की समस्या खत्म हो जाए तो रियल एस्टेट को बढ़ावा मिल सकता है।- मुकेश कुमार सिंह

सर्विस सेक्टर से रोजगार मिलेगा 
पुणे जैसे शहरों में सर्विस सेक्टर गुलजार है, जो आगरा में करने की जरूरत है। सर्विस सेक्टर से रोजगार मिलेगा और उसी से रियल एस्टेट को रफ्तार मिलेगी- अमन कुमार

इलेक्ट्रानिक्स
ऑन लाइन बाजार ने इलेक्ट्रानिक्स को झटका दिया है। उपभोक्ता चाहते हैं कि कीमतें ऑनलाइन जैसीं, पर सर्विस शोरूम जैसी हों। कारोबार बचाने के लिए यूनियन बनाकर सभी लोगों को साथ आकर चुनौतियों से निपटना होगा-साकार जिंदल 

एक्सपर्ट कमेंट
रोजगार है मंदी से निपटने की चाबी
देश के बाहर और अंदर दोनों की परिस्थितियों से आर्थिक मंदी बनी हुई है। नोटबंदी के कदम ने रियल एस्टेट नहीं बल्कि ऑटो, मैन्यूफैक्चरिंग को भी प्रभावित किया। नोटबंदी के समय चार गुना मजदूरों को मनरेगा ने रोजगार दिया।

इस समय रियल एस्टेट की मंदी दूर करने में सबसे कारगर उपाय है ग्रामीण विकास और नई नौकरियों का सृजन। युवाओं को रोजगार मिलेगा तो सबसे पहले मकान, जमीन में निवेश करेगा। रियल एस्टेट में वित्त मंत्री के पैकेज ऊंट के मुंह में जीरा हैं। उनसे कुछ नहीं होगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाएं और युवाओं को रोजगार दे तो रियल एस्टेट की हालत अपने आप सुधर जाएगी।
डॉ. शरद भारद्वाज, अर्थ शास्त्री
 

आर्थिक मंदी और बेरोजगारी ने लोगों की खरीद क्षमता को कम किया 
आर्थिक मंदी और बेरोजगारी ने लोगों की खरीद क्षमता को कम किया है। नौकरियां नहीं है, जिस वजह से कमाई कम है और महंगाई ज्यादा। खर्चे पूरे नहीं हो रहे तो बचत ही नहीं है। ऐसे में किसी भी क्षेत्र में निवेश कैसे कर पाएंगे। हर सेक्टर में नीतियों पर असमंजस है कि कल क्या होगा, पता नहीं।

नीतियां ऐसी हैं कि हमारी सांस्कृतिक विरासतों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। आगरा का पेठा यहीं बनेगा, पर उसे क्षेत्र विशेष से हटाकर दूर भेजने की नीतियां बना रहे हैं। जो ट्रेड के भागीदार हैं, उनसे बात ही नहीं करते। सरकार का प्रोत्साहन काम नहीं करेगा। डॉ. डीएस यादव, अर्थ शास्त्री

मंथन में ये निकला
1. सबसे पहले टीटीजेड में निर्माण से रोक हटानी होगी
2. रियल इस्टेट को बढ़ावा देने को ब्याज दरों मेें कटौती हो
3. सस्ते घरों के लिए 25 लाख रुपये तक होम लोन की दर कम हो
4. आईटी पार्क समेत रोजगार को बढ़ावा देने का प्रयास हो
5. प्रोजेक्ट, नक्शा पास करने की ऑन लाइन अनुमति समयबद्ध हो 
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