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पड़ोसी जिला की नदियों में मछली मरने की सूचना पर अलर्ट

Thu, 29 Jul 2021 11:13 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jul 2021 11:13 PM IST
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Alert on the information of death of fish in the rivers of neighboring district
रफ़रोजाबाद ! ग्राम सोफीपुर के समीप यमुना किनारे लगी गंदगी का ढेर - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। पड़ोसी जनपदों मैनपुरी, इटावा की सीमा में बहने वाली नदियों में मछलियों के मृत मिलने की घटना के बाद जिले का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सचेत हो गया है। मत्स्य विभाग ने भी जिले में मछली पालकों के लिए जरूरी सुझाव जारी किए हैं। पीसीबी ने यमुना की तलहटी से जुडे़ ग्रामों के ग्रामीणों को फसलीय अवशेष नदी में प्रवाहित नहीं करने की हिदायत दी है। इसके साथ ही ठोस कार्य योजना तैयार की है।
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इटावा एवं मैनपुरी में प्रवाहित नदियों में सैकड़ों की संख्या में मछली मृत अवस्था में मिली हैं। घटना की जानकारी के बाद जिले का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी सचेत हो गया है। विभाग ने जिले की सीमा में बहने वाली यमुना व प्रमुख नदियों से जुडे़ बडे़ माइनरों की निगरानी को कार्ययोजना तैयार की है। कार्ययोजना के तहत किसी भी प्रकार के केमिकल युक्त, प्रदूषित जल व फसलीय अवशेषों का यमुना में प्रवाह रोकने की रणनीति तैयार की गई है। इसके साथ ही यमुना की तलहटी में बसे गांव के ग्रामीणों को भी यमुना में फसलीय अवशेष के प्रवाह नहीं करने को जागरूक करने के लिए टीमें लगाई गई हैं।
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इटावा में प्रवाहित नदियों में मृत अवस्था में मछली मिली हैं। सूचना के आधार पर जिले में प्रवाहित यमुना व अन्य नदियों में जलीय प्रवाह पर पैनी नजर रखी जा रही है। संभवत: किसी के मिकल जल के प्रवाह अथवा प्रदूषण के कारण मछलियां मरी हैं। यमुना में गंदगी अथवा केमिकल युक्त जल का प्रवाह रोकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करेंगे।
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डॉ. मनोज कुमार चौरसिया क्षेत्रीय अधिकारी पीसीबी
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बरसात के दिनों में बडे़ तालाब और नदियों का पानी फसलीय क्षेत्र को छूने लगता है। फसल में प्रयुक्त होने वाली कीटनाशी दवा के असर और ऑक्सीजन की कमी से नदियों व तालाबों में पलने वाली मछली मरने की सूचनाएं हैं। मत्स्य पालक एक किलो बुझा चूना प्रति तालाब में प्रवाहित करें। इससे मछली मरने जैसी घटना को रोका जा सकता है।
श्रीकृष्ण शर्मा मत्स्य अधिकारी फिरोजाबाद।
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