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दिल्ली के बाद आगरा में 'जहरीली हुई हवा', ताजमहल पर इतना बढ़ा प्रदूषण
Tue, 29 Oct 2019 12:10 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 29 Oct 2019 12:10 AM IST
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- फोटो : tajmahal
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दिवाली पर आतिशबाजी और कूड़ा जलाने से निकले जहरीले धुएं ने दम फुला दिया। शहर में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली से पहले और दिवाली की रात वायु प्रदूषण तथा ध्वनि प्रदूषण की जांच कराई, जिसमें पाया गया कि आम दिनों के मुकाबले दिवाली पर प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
ताजमहल और यमुना पार नुनिहाई में की गई सैंपलिंग में छोटी दिवाली के मुताबिक दो गुना तक प्रदूषण रिकॉर्ड किया गया। पर्टिकुलेट मैटर 10 और 2.5 माइक्रोग्राम की मात्रा में ज्यादा इजाफा दर्ज किया गया। वायु प्रदूषण के साथ ही ध्वनि प्रदूषण भी आम दिनों से दो गुना हो गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली से एक सप्ताह पहले ताजमहल और नुनिहाई स्टेशन पर वायु प्रदूषण की मॉनीटरिंग शुरू करा दी थी। इस पूरे सप्ताह दिवाली की रात ही सबसे ज्यादा पर्टिकुलेट मैटर मापे गए।
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ताजमहल और यमुना पार नुनिहाई में की गई सैंपलिंग में छोटी दिवाली के मुताबिक दो गुना तक प्रदूषण रिकॉर्ड किया गया। पर्टिकुलेट मैटर 10 और 2.5 माइक्रोग्राम की मात्रा में ज्यादा इजाफा दर्ज किया गया। वायु प्रदूषण के साथ ही ध्वनि प्रदूषण भी आम दिनों से दो गुना हो गया।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली से एक सप्ताह पहले ताजमहल और नुनिहाई स्टेशन पर वायु प्रदूषण की मॉनीटरिंग शुरू करा दी थी। इस पूरे सप्ताह दिवाली की रात ही सबसे ज्यादा पर्टिकुलेट मैटर मापे गए।
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ताज और नुनिहाई दोनों ही जगह पर पीएम कणों की मात्रा ज्यादा पाई गई। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आवास विकास कालोनी में लगे स्टेशन पर जांच कराई थी, जिसके आंकड़ों का अध्ययन होना बाकी है।
ध्वनि प्रदूषण भी 100 प्रतिशत बढ़ गया
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कमला नगर और जिला अस्पताल के पास ध्वनि प्रदूषण की जांच कराई, जिसमें दिवाली से एक सप्ताह पहले ध्वनि प्रदूषण शाम 6 से रात 12 बजे के बीच 57.58 डेसिबल पाया गया, वहीं दिवाली वाले दिन शोर का स्तर 78.28 पर पहुंचा।
यह अधिकतम 116.8 पर रहा। बीते सालों से तुलना करें तो 2018 में ध्वनि प्रदूषण का औसत 89 तथा और अधिकतम स्तर 124.2 डेसिबल तक पहुंचा था। बीते साल की तुलना में शोर कम रिकार्ड किया गया।
ध्वनि प्रदूषण भी 100 प्रतिशत बढ़ गया
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कमला नगर और जिला अस्पताल के पास ध्वनि प्रदूषण की जांच कराई, जिसमें दिवाली से एक सप्ताह पहले ध्वनि प्रदूषण शाम 6 से रात 12 बजे के बीच 57.58 डेसिबल पाया गया, वहीं दिवाली वाले दिन शोर का स्तर 78.28 पर पहुंचा।
यह अधिकतम 116.8 पर रहा। बीते सालों से तुलना करें तो 2018 में ध्वनि प्रदूषण का औसत 89 तथा और अधिकतम स्तर 124.2 डेसिबल तक पहुंचा था। बीते साल की तुलना में शोर कम रिकार्ड किया गया।
पिछले छह साल के मुकाबले थोड़ी राहत
साल 2013 के मुकाबले 2019 में दिवाली पर वायु प्रदूषण की मात्रा एक तिहाई रही। पर्टिकुलेट मैटर 2.5 साइज का आंकड़ा साल दर साल कम होता आया है। बीते साल हालांकि नवंबर में दिवाली के कारण यह 558 माइक्रोग्राम तक पहुंचा था, तब स्मॉग की चादर छाई रही थी, लेकिन इस साल यह आंकड़ा 195 तक पहुंचा है जो सामान्य से तीन गुना है।
साल 2013 के मुकाबले 2019 में दिवाली पर वायु प्रदूषण की मात्रा एक तिहाई रही। पर्टिकुलेट मैटर 2.5 साइज का आंकड़ा साल दर साल कम होता आया है। बीते साल हालांकि नवंबर में दिवाली के कारण यह 558 माइक्रोग्राम तक पहुंचा था, तब स्मॉग की चादर छाई रही थी, लेकिन इस साल यह आंकड़ा 195 तक पहुंचा है जो सामान्य से तीन गुना है।