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खराब हुई आगरा की हवा, कोहरे साथ घनी धुंध की चादर, प्रदेश का सातवां प्रदूषित शहर
Wed, 22 Jan 2020 05:05 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 22 Jan 2020 05:05 AM IST
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धुंध में छिपा ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार को ताजनगरी की हवा की गुणवत्ता खराब रही। प्रदेश के प्रदूषित शहरों की सूची में आगरा सातवें स्थान पर रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई एयर क्वालिटी इंडेक्स में गाजियाबाद देश में सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई 398 दर्ज किया गया।
कोहरे के साथ धुंध की चादर और घनी हो गई। आगरा में एक्यूआई 245 दर्ज किया गया, जिसमें बेहद सूक्षम धूल कणों की संख्या ही ज्यादा रही। प्रदूषक तत्व कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा सामान्य से 31 गुना ज्यादा रही तो पर्टिकुलेट मैटर 2.5 कणों की संख्या भी 357 के अधिकतम स्तर पर पहुंच गई। यह सामान्य से 6 गुना ज्यादा है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच प्रदूषण की मात्रा में तेजी से उछाल आया।
आगरा देश का 18 वां प्रदूषित शहर- ग्रीनपीस
ग्रीन पीस इंडिया ने मंगलवार को एयरपोकेलिप्स रिपोर्ट का चौथा संस्करण जारी किया, जिसमें आगरा देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में 18 वें नंबर पर है। प्रदेश के 16 शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब है।
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देश के 25 सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के 16 शहर हैं। इनमें नोएडा, गाजियाबाद तीसरे, चौथे नंबर पर और प्रयागराज सातवें नंबर पर है। आगरा की वायु गुणवत्ता सामान्य से पांच गुना ज्यादा खराब पाई गई। नेशनल एयर क्वालिटी प्रोग्राम में 2024 तक प्रदूषण स्तर 30 फीसदी घटाने का लक्ष्य है, हालांकि पहले तीन सालों में प्रदूषण स्तर घटा नहीं है।
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कोहरे के साथ धुंध की चादर और घनी हो गई। आगरा में एक्यूआई 245 दर्ज किया गया, जिसमें बेहद सूक्षम धूल कणों की संख्या ही ज्यादा रही। प्रदूषक तत्व कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा सामान्य से 31 गुना ज्यादा रही तो पर्टिकुलेट मैटर 2.5 कणों की संख्या भी 357 के अधिकतम स्तर पर पहुंच गई। यह सामान्य से 6 गुना ज्यादा है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच प्रदूषण की मात्रा में तेजी से उछाल आया।
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आगरा देश का 18 वां प्रदूषित शहर- ग्रीनपीस
ग्रीन पीस इंडिया ने मंगलवार को एयरपोकेलिप्स रिपोर्ट का चौथा संस्करण जारी किया, जिसमें आगरा देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में 18 वें नंबर पर है। प्रदेश के 16 शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब है।
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देश के 25 सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के 16 शहर हैं। इनमें नोएडा, गाजियाबाद तीसरे, चौथे नंबर पर और प्रयागराज सातवें नंबर पर है। आगरा की वायु गुणवत्ता सामान्य से पांच गुना ज्यादा खराब पाई गई। नेशनल एयर क्वालिटी प्रोग्राम में 2024 तक प्रदूषण स्तर 30 फीसदी घटाने का लक्ष्य है, हालांकि पहले तीन सालों में प्रदूषण स्तर घटा नहीं है।