आगरा में बारिश से सुधरी हवा की गुणवत्ता: पांच साल में सबसे अच्छी रही जुलाई की हवा
आगरा में बारिश के कारण धूल-मिट्टी के कण न उड़ने से हवा की गुणवत्ता बेहतर हुई है। पिछले तीन दिन से एयर क्वालिटी इंडेक्स 19 पर स्थिर है।
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आगरा में जुलाई के पूरे महीने हवा की गुणवत्ता बीते पांच वर्षों में सबसे अच्छी रही है। लगातार रिमझिम बारिश और जलभराव के कारण धूल मिट्टी के कण हवा में नहीं उड़ पा रहे। ताजनगरी में प्रदूषण सबसे ज्यादा पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) यानी सूक्ष्म कणों के कारण होता है।
इनकी मात्रा इन दिनों मानक से भी एक तिहाई पर है। बीते पांच सालों में सबसे कम एयर क्वालिटी इंडेक्स 19 रहा है जो बीते 3 दिनों से ताजनगरी में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के मुताबिक एक्यूआई 60 तक होने पर उसे अच्छी हवा गुणवत्ता में माना जाता है।
दो साल पहले 24 तक पहुंचा था एक्यूआई
ताजनगरी में अक्तूबर से फरवरी के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 500 के खतरनाक स्तर तक पहुंचता है। उन पांच माह में एक्यूआई 300 से 400 के बीच सामान्य है, लेकिन मानसून में यह 60 से 140 के बीच रहता है। दो साल पहले 24 अगस्त को आगरा का एक्यूआई 24 पर पहुंचा था, लेकिन इस बार जुलाई में 19 पर आ गया। पूरे जुलाई माह में केवल तीन दिन ही ऐसे रहे, जब मानक 60 से ज्यादा एक्यूआई रहा।
बाकी 28 दिन आगरा की हवा की गुणवत्ता अच्छी रही। बीते साल 2020 के जुलाई माह में सबसे कम एक्यूआई 29 जुलाई को 37 पर आया था। साल 2019 में 24 अगस्त को एक्यूआई 24 पर था तो साल 2018 में 25 जुलाई को 35 तक एक्यूआई रहा है। यह पहला मौका है जब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में 19 तक एक्यूआई दर्ज किया गया।
रिमझिम बारिश के कारण हवा स्वच्छ
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन प्रकाश ने कहा कि रिमझिम बारिश के कारण धूल कण हवा में बिल्कुल नहीं है। पार्टिकुलेट मैटर की मात्रा तीन दिनों से न्यूनतम स्तर पर है। इसके साथ ही अन्य प्रदूषक तत्वों में कमी देखने को मिली है। इन दिनों सबसे अच्छी एयर क्वालिटी है।
वर्ष जुलाई में न्यूनतम एक्यूआई
2021 19
2020 37
2019 24
2018 35
2017 30