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प्रदूषण: दिवाली पर जहरीली हुई सुहागनगरी की हवा, देश का आठवां सबसे प्रदूषित शहर रहा फिरोजाबाद
Sat, 06 Nov 2021 12:00 AM IST
Abhishek Saxena
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 06 Nov 2021 12:00 AM IST
सार
फिरोजाबाद में दिवाली पर पटाखों ने प्रदूषण का स्तर बढ़ा दिया। आतिशबाजी से आसमान में धुंध छाई रही। कार्बनिक तत्वों, पीएम-2.5 और पीएम-10 जैसे घुलनशील तत्वों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
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पटाखों से बढ़ा फिरोजाबाद में प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिवाली के मद्देनजर एनजीटी के निर्देश सुहागनगरी में इस बार हवा हो गए। टीटीजेड में शामिल फिरोजाबाद में लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति बेपरवाह नजर आए। आतिशबाजी के कारण सुहागनगरी की हवा जहरीली हो गई। शुक्रवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, फिरोजाबाद देश में आठवां सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां शहर की हवा में हानिकारक तत्वों पीएम-10, एसओ-2 और एनओ-2 सहित अन्य आर्सेनिक, लेड आदि की मात्रा में इजाफा हो गया।
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सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी ने हरित पटाखा जलाने के निर्देश दिए थे
टीटीजेड में शामिल फिरोजाबाद में वायु और ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी ने हरित पटाखा जलाने के निर्देश दिए थे। लोगों से कार्बनिक तत्वों के अलावा आर्सेनिक, लेड आदि तत्वों का उर्त्सजन करने वाले पटाखों के प्रयोग नहीं करने की अपील भी की गई। हालांकि बृहस्पतिवार रात दिवाली पर शहर के आंतरिक इलाकों में जमकर आतिशबाजी की गई।
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सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शुमार
देर रात तक हुई आतिशबाजी के कारण शहर की हवा में घुलनशील हानिकारक तत्वों की मात्रा में भी इजाफा हो गया और फिरोजाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शुमार हो गया। नगला भाऊ स्थित अत्याधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे हवा में घुलनशील पीएम-2.5 की मात्रा सामान्य से अधिक 395 एवं पीएम-10 की मात्रा 334 तक के उच्च स्तर तक दर्ज की गई। आसमान में धुंध की माप 1015 तक दर्ज की गई। ध्वनि प्रदूषण की माप भी 85 डेसीबल तक दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 35 डेसीबल ज्यादा है।
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गत वर्ष की अपेक्षा इस बार भी हवा में घुलनशील तत्वों की मात्रा में इजाफा
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गत वर्ष आतिशबाजी से उत्सर्जित होने वाले कार्बनिक तत्वों, एल्युमिनियम, मेटल आदि की मात्रा अत्यधिक थी। पीएम-10 और पीएम-2.5 की मात्रा सामान्य स्थिति 150 से कहीं ज्यादा 270 से 300 के बीच मापी गई थी, जो कि इस वर्ष के तुलना में थोड़ा-बहुत अंतर के सामान है।
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क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गत वर्ष आतिशबाजी से उत्सर्जित होने वाले कार्बनिक तत्वों, एल्युमिनियम, मेटल आदि की मात्रा अत्यधिक थी। पीएम-10 और पीएम-2.5 की मात्रा सामान्य स्थिति 150 से कहीं ज्यादा 270 से 300 के बीच मापी गई थी, जो कि इस वर्ष के तुलना में थोड़ा-बहुत अंतर के सामान है।
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