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प्रदूषणः छह गुना हुए धूलकण, आगरा का एक्यूआई 294 पर, तड़के टलहने से बचे बुजुर्ग, जानिये चिकित्सकों की सलाह
Wed, 28 Oct 2020 11:31 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 28 Oct 2020 11:31 AM IST
सार
तड़के टहलने से बचें बुजुर्ग, भीड़भाड़ वाले पार्क में न जाएं, धूप निकलने के बाद ही टहलने जाएं, हरियाली वाले क्षेत्रों में ही टहलें
सुबह के कम तापमान में धुंध से हो सकती है सांस लेने में परेशानी
हृदय रोगी-बुजुर्गों को हृदयाघात की आशंका रहती है
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आगरा में वायु प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में मंगलवार को शहर की जहरीली हवा में 6 गुना ज्यादा धूल के कण मौजूद रहे। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई एयर क्वालिटी इंडेक्स की सूची में आगरा का एक्यूआई 294 रिकॉर्ड किया गया। इसमें सबसे ज्यादा प्रदूषक तत्वों में धूल कणों की मात्रा ही रही।
बेहद सूक्ष्म और खतरनाक धूल कणों पार्टिकुलेट मैटर 2.5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की मात्रा 359 तक बनी रही, जो सामान्य से 6 गुना ज्यादा है। यही धूल के सूक्ष्म कण फेफड़ों में पहुंचकर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। गले और नाक में संक्रमण की वजह यही धूलकण है।
फतेहाबाद रोड पर स्मार्ट सिटी के कार्य के दौरान धूल उड़ती रही। सर्किट हाउस रोड पर रेत के ढेर उठाने के दौरान वाहन सवार धूल से परेशान रहे। वही स्मार्ट सिटी के कार्य के कारण ट्राइडेंट होटल तक धूल मिट्टी के गुबार उड़ते रहे। यही हाल पश्चिम पुरी रोड का भी बना रहा। स्मार्ट सिटी के कार्यों का निरीक्षण करने के लिए 30 अक्टूबर को उच्च अधिकारी आ रहे हैं। ऐसे में फतेहाबाद रोड पर धूल नियंत्रण की जगह निर्माण सामग्री को हटाया जा रहा है।
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बेहद सूक्ष्म और खतरनाक धूल कणों पार्टिकुलेट मैटर 2.5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की मात्रा 359 तक बनी रही, जो सामान्य से 6 गुना ज्यादा है। यही धूल के सूक्ष्म कण फेफड़ों में पहुंचकर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। गले और नाक में संक्रमण की वजह यही धूलकण है।
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फतेहाबाद रोड पर स्मार्ट सिटी के कार्य के दौरान धूल उड़ती रही। सर्किट हाउस रोड पर रेत के ढेर उठाने के दौरान वाहन सवार धूल से परेशान रहे। वही स्मार्ट सिटी के कार्य के कारण ट्राइडेंट होटल तक धूल मिट्टी के गुबार उड़ते रहे। यही हाल पश्चिम पुरी रोड का भी बना रहा। स्मार्ट सिटी के कार्यों का निरीक्षण करने के लिए 30 अक्टूबर को उच्च अधिकारी आ रहे हैं। ऐसे में फतेहाबाद रोड पर धूल नियंत्रण की जगह निर्माण सामग्री को हटाया जा रहा है।
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तड़के टहलने से बचें बुजुर्ग, भीड़भाड़ वाले पार्क में न जाएं
सर्द मौसम की दस्तक हो गई है। ऐेेसे में अलसुबह घूमने जाने वाले लोग थोड़ा बदलाव कर लें। चिकित्सक सलाह दे रहे हैं कि हृदय रोगी और बुजुर्ग धूप निकलने पर ही टहलने जाएं तो ही बेहतर है और भीड़भाड़ वाले पार्क में टहलने से बचें।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि सुबह का तापमान बेहद कम होने और प्रदूषण के कारण धुंध होने से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में अचानक हृदयाघात का खतरा दोगुना है। घर में वार्मअप करें और धूप निकलने पर ही टहलने जाएं। बीमार हैं तो ऐसे लोग घूमने के बजाए घर पर ही योग करें। मास्क पहनकर जाएं और हरियाली वाले स्थान पर ही व्यायाम-योग करें, जिससे प्रदूषित हवा शरीर में जाने से बचेगी।
बच्चों को हल्के गर्म कपड़े पहनाकर टहलाएं
इंडियन पीडियाट्रिक एसोसिएशन के सचिव डॉ. अरुण जैन ने बताया कि सुबह बच्चों को पार्क में टहलाने जा रहे हैं तो उन्हें हल्के गर्म कपड़े पहनाएं। इससे बुखार-खांसी और निमोनिया का खतरा कम रहता है। टहलते वक्त पसीना आने पर एकदम गर्म कपड़े न उतारें।
सर्द मौसम की दस्तक हो गई है। ऐेेसे में अलसुबह घूमने जाने वाले लोग थोड़ा बदलाव कर लें। चिकित्सक सलाह दे रहे हैं कि हृदय रोगी और बुजुर्ग धूप निकलने पर ही टहलने जाएं तो ही बेहतर है और भीड़भाड़ वाले पार्क में टहलने से बचें।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि सुबह का तापमान बेहद कम होने और प्रदूषण के कारण धुंध होने से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में अचानक हृदयाघात का खतरा दोगुना है। घर में वार्मअप करें और धूप निकलने पर ही टहलने जाएं। बीमार हैं तो ऐसे लोग घूमने के बजाए घर पर ही योग करें। मास्क पहनकर जाएं और हरियाली वाले स्थान पर ही व्यायाम-योग करें, जिससे प्रदूषित हवा शरीर में जाने से बचेगी।
बच्चों को हल्के गर्म कपड़े पहनाकर टहलाएं
इंडियन पीडियाट्रिक एसोसिएशन के सचिव डॉ. अरुण जैन ने बताया कि सुबह बच्चों को पार्क में टहलाने जा रहे हैं तो उन्हें हल्के गर्म कपड़े पहनाएं। इससे बुखार-खांसी और निमोनिया का खतरा कम रहता है। टहलते वक्त पसीना आने पर एकदम गर्म कपड़े न उतारें।