{"_id":"68ecbb7b07657e616803ee1e","slug":"air-force-personnel-hanged-himself-to-death-2025-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: 'पत्नी और बच्चों का ख्याल...', ऐसे शब्द लिखकर फंदे पर लटका एयरफोर्स कर्मी, परिवार में मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: 'पत्नी और बच्चों का ख्याल...', ऐसे शब्द लिखकर फंदे पर लटका एयरफोर्स कर्मी, परिवार में मचा कोहराम
Mon, 13 Oct 2025 02:14 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 13 Oct 2025 02:14 PM IST
सार
एयरफोर्स स्टेशन के आवासीय परिसर में सार्जेंट का शव फंदे पर लटका मिला। उनका इलाज चल रहा था। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
death demo
- फोटो : iStock
विस्तार
आगरा में एयरफोर्स स्टेशन के आवासीय परिसर में रहने वाले सार्जेंट मृत्युंजय कुमार (36) ने शुक्रवार रात को फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। शनिवार सुबह घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पुलिस ने जांच की। पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला। इसमें उन्होंने पिता से यही कहा कि उनकी माैत का कोई जिम्मेदार नहीं है। पत्नी और बच्चों का ख्याल रखना।
गांव गुदना, भोजपुर (बिहार) निवासी मृत्युंजय कुमार आगरा एयरफोर्स स्टेशन के लेखा विभाग में तैनात थे। वह पत्नी कविता, बेटी काव्या और बेटे अहान के साथ रहते थे। उनका इलाज भी चल रहा था। शनिवार सुबह वह फंदे से लटके मिले। इसकी जानकारी पर एयरफोर्स के कर्मचारी उन्हें अस्पताल ले गए थे, जहां डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। यह उन्होंने अपने पिता के लिए खिला था। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी के मुताबिक, उन्होंने लिखा कि कविता और बच्चों का ख्याल रखना। वह जहां रहना चाहें, वहां रहने देना। माैत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। मेरा इलाज चल रहा था। इससे कोई फायदा नहीं हुआ। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव ले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव गुदना, भोजपुर (बिहार) निवासी मृत्युंजय कुमार आगरा एयरफोर्स स्टेशन के लेखा विभाग में तैनात थे। वह पत्नी कविता, बेटी काव्या और बेटे अहान के साथ रहते थे। उनका इलाज भी चल रहा था। शनिवार सुबह वह फंदे से लटके मिले। इसकी जानकारी पर एयरफोर्स के कर्मचारी उन्हें अस्पताल ले गए थे, जहां डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
विज्ञापन
पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। यह उन्होंने अपने पिता के लिए खिला था। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी के मुताबिक, उन्होंने लिखा कि कविता और बच्चों का ख्याल रखना। वह जहां रहना चाहें, वहां रहने देना। माैत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। मेरा इलाज चल रहा था। इससे कोई फायदा नहीं हुआ। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव ले गए।
विज्ञापन