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नकली दवाओं में एआई से कारिस्तानी: नामी कंपनियों के हूबहू पैकेट, एक ही क्यूआर-बैच नंबर से खुल गया राज
Mon, 05 Oct 2026 10:48 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 05 Oct 2026 10:48 AM IST
सार
आगरा में नामी कंपनियों की दवाओं की हूबहू पैकिंग और लोगो तैयार कर नकली दवाएं बनाने का हाईटेक खेल सामने आया है। जांच में कई पैकेटों पर एक जैसे क्यूआर कोड और बैच नंबर मिलने से संदेह गहराया है, जबकि पुडुचेरी कनेक्शन की भी जांच चल रही है।
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आगरा दवा बाजार में छापा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
एआई से नामी कंपनियों की डिजाइन-लोगो रैपर-पैकेट बनवाया। नकली क्यूआर कोड और बैच नंबर दर्ज किया। फैक्टरी में दवाएं बनवाई और मोटे कमीशन पर कई राज्यों में भेज दी। औषधि विभाग और पुलिस की जांच में नामी कंपनी के नाम से दवा बनाने का खेल सामने आया है।
औषधि विभाग और पुलिस ने जब्त दवाएं और नामी कंपनी की दवा से मिलान किया है। इनकी पैकिंग-डिजाइन और दवा का आकार हूबहू है। क्यूआर कोड और बैच नंबर भी समान मिला है लेकिन कई दवाओं में ये समान मिलने पर संदेह गहराया है। पैकिंग-डिजाइन एआई से बनाने की आशंका है। ये दवाएं भी पुडुचेरी में बनी होने की आशंका है। कार्रवाई से बचने के लिए धनौली के गोदाम में छिपाया है।
बीते साल ही इन्हीं पांच कंपनी की 71 करोड़ की दवाएं जब्त की थीं, ये पुडुचेरी में ही बनी थीं। वहां छापे में 25 करोड़ की मशीन, कच्चा माल और भारी मात्रा में नकली दवाएं जब्त की थीं। सहायक आयुक्त औषधि अरविंद गुप्ता ने बताया कि पुडुचेरी मामले से तार जुड़ते मिल रहे हैं। पुलिस और विभाग की टीम साक्ष्य जुटा रही है। अभी जांच चल रही है।
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10 साल में 800 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त
औषधि विभाग और एसटीएफ ने बीते 10 साल में 800 करोड़ रुपये की नकली, नारकोटिक्स, सैंपल, सरकारी और एक्सपायर्ड दवाएं सीज की हैं। इसमें तीन अंतरराज्यीय गिरोह पकड़े गए हैं। पंजाब, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार समेत कई राज्यों में दवाएं खपाईं। यहां तक बांग्लादेश में भी कफ सिरप की तस्करी के तार मिले।
आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष शर्मा ने बताया कि माफिया नकली दवाएं हाईटेक तरीके से बना रहे हैं। इनकी पैकिंग-डिजाइन में अंतर करना आसान नहीं है। इससे दवा कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। नकली और दवाओं के अवैध कारोबार करने वालों पर ठोस कार्रवाई की जाए।
आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष आशु शर्मा ने बताया कि आगरा में नकली, सैंपल, सरकारी दवाओं की तस्करी लंबे समय से चल रही है। कार्रवाई के नाम पर दवाएं सीज होती हैं, आरोपी छूट जाते हैं। सीबीआई जांच जरूरी है। इससे मरीजों को सही दवा मिल सकेगी।
आगरा फार्मा एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप बंसल ने बताया कि चंद लोगों के दवाओं के अवैध कारोबार के चलते पूरा बाजार प्रभावित हो रहा है। दूसरे राज्यों की खरीदार कम हो रहे हैं। नकली, सैंपल समेत अन्य दवाओं के अवैध कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
इन बातों का रखें ध्यान
विक्रेता से सभी दवाओं के बिल लें।
दवाओं की डिजाइन, पैकिंग का मिलान करें।
दवा में जल्द सीलन, टूट रही हो।
क्यूआर कोड और बैच नंबर का मिलान करें।
नकली की आशंका पर 18001805533 पर शिकायत करें।
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औषधि विभाग और पुलिस ने जब्त दवाएं और नामी कंपनी की दवा से मिलान किया है। इनकी पैकिंग-डिजाइन और दवा का आकार हूबहू है। क्यूआर कोड और बैच नंबर भी समान मिला है लेकिन कई दवाओं में ये समान मिलने पर संदेह गहराया है। पैकिंग-डिजाइन एआई से बनाने की आशंका है। ये दवाएं भी पुडुचेरी में बनी होने की आशंका है। कार्रवाई से बचने के लिए धनौली के गोदाम में छिपाया है।
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बीते साल ही इन्हीं पांच कंपनी की 71 करोड़ की दवाएं जब्त की थीं, ये पुडुचेरी में ही बनी थीं। वहां छापे में 25 करोड़ की मशीन, कच्चा माल और भारी मात्रा में नकली दवाएं जब्त की थीं। सहायक आयुक्त औषधि अरविंद गुप्ता ने बताया कि पुडुचेरी मामले से तार जुड़ते मिल रहे हैं। पुलिस और विभाग की टीम साक्ष्य जुटा रही है। अभी जांच चल रही है।
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10 साल में 800 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त
औषधि विभाग और एसटीएफ ने बीते 10 साल में 800 करोड़ रुपये की नकली, नारकोटिक्स, सैंपल, सरकारी और एक्सपायर्ड दवाएं सीज की हैं। इसमें तीन अंतरराज्यीय गिरोह पकड़े गए हैं। पंजाब, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार समेत कई राज्यों में दवाएं खपाईं। यहां तक बांग्लादेश में भी कफ सिरप की तस्करी के तार मिले।
आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष शर्मा ने बताया कि माफिया नकली दवाएं हाईटेक तरीके से बना रहे हैं। इनकी पैकिंग-डिजाइन में अंतर करना आसान नहीं है। इससे दवा कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। नकली और दवाओं के अवैध कारोबार करने वालों पर ठोस कार्रवाई की जाए।
आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष आशु शर्मा ने बताया कि आगरा में नकली, सैंपल, सरकारी दवाओं की तस्करी लंबे समय से चल रही है। कार्रवाई के नाम पर दवाएं सीज होती हैं, आरोपी छूट जाते हैं। सीबीआई जांच जरूरी है। इससे मरीजों को सही दवा मिल सकेगी।
आगरा फार्मा एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप बंसल ने बताया कि चंद लोगों के दवाओं के अवैध कारोबार के चलते पूरा बाजार प्रभावित हो रहा है। दूसरे राज्यों की खरीदार कम हो रहे हैं। नकली, सैंपल समेत अन्य दवाओं के अवैध कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
इन बातों का रखें ध्यान
विक्रेता से सभी दवाओं के बिल लें।
दवाओं की डिजाइन, पैकिंग का मिलान करें।
दवा में जल्द सीलन, टूट रही हो।
क्यूआर कोड और बैच नंबर का मिलान करें।
नकली की आशंका पर 18001805533 पर शिकायत करें।