एक्सक्लूसिव: मशरूम की खेती कर महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, कृषि वैज्ञानिक देंगे प्रशिक्षण
- सीडीओ ईशा प्रिया की पहल पर 15 स्वयं सहायता समूह आए आगे
- चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ देंगे महिलाओं को प्रशिक्षण
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विस्तार
मैनपुरी जिले में महिलाओं को अत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्य विकास अधिकारी ने एक और कदम बढ़ाया है। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मशरूम के उत्पादन के लिए तैयार किया गया है। जल्द ही उन्हें मशरूम उत्पादन के लिए कृषि वैज्ञानिक प्रशिक्षण देंगे।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को स्वयं सहायता समूह बनाकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। इसी के तहत मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने मशरूम की खेती कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की है। इसके लिए पहले चरण में किशनी विकास खंड का चयन किया गया था।
यहां संचालित स्वयं सहायता समूहों से मशरूम की खेती के लिए इच्छुक समूहों से आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए किशनी के गांव कुरसंडा में संचालित 15 स्वयं सहायता समूहों ने आवेदन किए हैं। इसके बाद इन्हें प्रशिक्षण दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
170 महिलाओं करेंगी मशरूम की खेती
मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. विकास रंजन चौधरी 15 समूहों की 170 महिलाओं को मशरूम उत्पादन के लिए प्रशिक्षण देंगे। सोमवार से प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी की गई है। प्रशिक्षण में चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर के विशेषज्ञ के साथ ही जसराना क्षेत्र के कुछ किसान भी शामिल होंगे।
ये किसान पहले से मशरूम की खेती कर रहे हैं। वे महिलाओं को मशरूम की खेती से जुड़ी बारीकियों को बताएंगे। उपायुक्त एनआरएलएम रंजीत सिंह ने बताया कि किशनी ब्लॉक में उत्पादन बेहतर होने और बिक्री अच्छी होने पर अन्य ब्लॉकों में भी इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
सरकारी संस्थाओं को होगी आपूर्ति
किसी भी चीज के उत्पादन के साथ ही उसकी खपत भी बहुत जरूरी है। इसके लिए भी प्रशासन ने पहले से ही प्लानिंग की है। बाजार के साथ-साथ मुख्य रूप से जवाहर नवोदय विद्यालय, आश्रम पद्धति विद्यालय और सैनिक स्कूल आदि में इनकी आपूर्ति की जाएगी। इससे महिलाओं के सामने खपत का संकट नहीं होगा।
- जय बालाजी स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- श्री गणेशाय नम: स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- ब्रह्मदेव स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- मां वैष्णों स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- बाबा शेषनाग स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- कन्हैया जी स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- गमा देवी स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- भगवान बुद्घ स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- शनिदेव स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- जय बजरंगबली स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- जय भोले बाबा स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- पंचशील स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- मां गौरी स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- जाहरवीर स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
- जय माता दी स्वयं सहायता समूह, कुरसंडा।
आकंड़े
- 6500 के करीब हैं कुल स्वयं सहायता समूह
- 68 हजार के करीब महिलाएं हैं शामिल
- 487 हैं ग्राम संगठनों की संख्या
मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने बताया कि महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत 15 समूहों को मशरूम के उत्पादन का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। जल्द ही प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा।